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साइबर ठगी के पीड़ित को महुली पुलिस ने लौटाए ₹6,999, फ्री फायर लिंक के जरिए हुई थी ऑनलाइन धोखाधड़ी


By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh 

संतकबीरनगर। साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत और तकनीकी स्तर पर कार्रवाई धनराशि वापस कराने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। संतकबीरनगर के थाना महुली क्षेत्र में साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने पीड़ित की ₹6,999 की पूरी धनराशि वापस कराने में सफलता मिलने का दावा किया है।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक के स्तर से संचालित अभियान के क्रम में जनपद में चलाए जा रहे “क्रैक साइबर क्राइम अभियान” के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क टीम ने मामले में बैंकिंग एवं तकनीकी माध्यमों से कार्रवाई की।

फेसबुक पर फ्री फायर लिंक के जरिए हुई ठगी

पुलिस के अनुसार थाना महुली क्षेत्र के ग्राम भैसही उर्फ भैसहिया निवासी अभिषेक यादव ने शिकायत में बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने फेसबुक पर फ्री फायर गेम से संबंधित लिंक भेजकर उससे लॉगिन कराया। इसके बाद उसके बैंक खाते से धनराशि ट्रांसफर कर ली गई।

पीड़ित ने इस संबंध में 15 अक्टूबर 2025 को शिकायत दर्ज कर पुलिस से सहायता मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद थाना महुली पुलिस एवं साइबर टीम ने संबंधित बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों से कार्रवाई शुरू की।

पुलिस के मुताबिक लगातार किए गए प्रयासों के बाद 25 सितंबर 2026 को ₹6,999 की पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।

साइबर ठगी में शिकायत का समय बेहद महत्वपूर्ण

इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि साइबर अपराध में ठगी के बाद धनराशि वापस मिलने की संभावना कई स्तरों पर निर्भर करती है। बैंकिंग चैनल में लेनदेन की स्थिति, संबंधित खाते में उपलब्ध धनराशि और शिकायत पर कार्रवाई की गति जैसे कारक महत्वपूर्ण होते हैं।

हालांकि इस मामले में पूरी धनराशि वापस कराने का पुलिस का दावा सामने आया है, लेकिन इसे साइबर ठगी से बचने की गारंटी नहीं माना जा सकता। खासकर सोशल मीडिया पर गेम, नौकरी, पुरस्कार, निवेश या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक उपयोगकर्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

पुलिस टीम ने की कार्रवाई

धनराशि वापस कराने की कार्रवाई में थाना महुली के थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव और मनोज यादव शामिल रहे।

पीड़ित और उसके परिजनों ने धनराशि वापस मिलने पर पुलिस के प्रति आभार जताया और कार्रवाई की सराहना की।

साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?

संतकबीरनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। OTP, CVV, पासवर्ड, UPI PIN और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो पुलिस ने बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।

समीक्षात्मक पहलू

यह मामला यह भी बताता है कि साइबर अपराध में सतर्कता के साथ-साथ त्वरित शिकायत कितनी महत्वपूर्ण है। पुलिस की तकनीकी कार्रवाई से धनराशि वापस कराना राहत की बात है, लेकिन सोशल मीडिया और गेमिंग लिंक के जरिए होने वाली ठगी को रोकने के लिए केवल घटना के बाद की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। डिजिटल जागरूकता और संदिग्ध लिंक की पहचान को लेकर लगातार जन-जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।

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