Top News

किसान दिवस में उठे खाद-बीज से लेकर धान खरीद और सिंचाई मुआवजे तक के सवाल



(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)

संतकबीरनगर। किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए बुधवार को कृषि भवन में जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

किसान दिवस की बैठक में जहां कृषि विभाग ने मौजूदा समय में चल रही बीज बुकिंग व्यवस्था की जानकारी दी, वहीं किसानों और किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने समितियों की बदहाली, धान खरीद केंद्रों की दूरी, खरीद लक्ष्य, सिंचाई परियोजनाओं के मुआवजे और नैनो यूरिया के ड्रोन से छिड़काव जैसे कई मुद्दे उठाए। इससे स्पष्ट है कि किसानों के सामने केवल खेती की लागत और उत्पादन की चुनौती नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्थाओं तक सुगम पहुंच भी एक महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है।

समितियों तक रास्ता नहीं, कब्जा हटने के बाद निर्माण की मांग

किसान प्रतिनिधि राजेंद्र राय ने ओनबिलाई और गजाधरपुर में संचालित समितियों तक रास्ता नहीं होने का मुद्दा उठाया। समिति जैसी कृषि संबंधी आवश्यक संस्थाओं तक किसानों की आसान पहुंच नहीं होना सीधे तौर पर उनकी व्यावहारिक परेशानी से जुड़ा विषय है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

राजेंद्र राय ने महुली समिति पर कब्जा हटाए जाने के बाद वहां निर्माण कराकर समिति को पुनः चालू कराने की मांग भी रखी। यह मुद्दा इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि समितियां किसानों को कृषि इनपुट और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनके निष्क्रिय रहने से किसानों को वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर होना पड़ सकता है।

धान खरीद केंद्रों की दूरी पर भी सवाल

किसान प्रतिनिधियों ने आगामी धान खरीद व्यवस्था को लेकर भी अपनी मांग रखी। धान खरीद केंद्रों का निर्धारण दूरी के आधार पर किए जाने, साथ ही धान खरीद का औसत और लक्ष्य बढ़ाए जाने की मांग सामने आई।

किसानों के लिए खरीद केंद्र की दूरी केवल आवागमन का विषय नहीं है। धान को केंद्र तक पहुंचाने में लगने वाला परिवहन खर्च, समय और छोटे किसानों की क्षमता भी इससे प्रभावित होती है। ऐसे में खरीद केंद्रों के निर्धारण में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और किसानों की वास्तविक पहुंच को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा।

तिलठा माइनर का मुआवजा अभी भी लंबित

नाथनगर विकासखंड के ग्राम कथैचा निवासी रामदास ने तिलठा माइनर से संबंधित मुआवजा किसानों को अब तक नहीं मिलने की शिकायत रखी। सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिलना प्रशासनिक व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। बैठक में उठी इस शिकायत के बाद संबंधित स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता सामने आई।

130 एकड़ में ड्रोन से नैनो यूरिया छिड़काव

किसान सुरेंद्र राय ने इफको के प्रतिनिधि से सवाल किया कि जिले में ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव किन क्षेत्रों में किया जा रहा है। इफको के आशीष कुमार वर्मा ने बताया कि ड्रोन के माध्यम से लगभग 130 एकड़ क्षेत्र में करीब 130 किसानों के खेतों पर नैनो यूरिया का छिड़काव किया जा चुका है।

यह पहल कृषि में तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी आंका जा सकेगा जब किसानों तक इसकी पहुंच, लागत, उपयोगिता और फसल पर प्रभाव से जुड़े आंकड़े भी नियमित रूप से सामने आएं।

शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर डीएम का जोर

किसान दिवस के अंत में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को किसानों द्वारा उठाई गई शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हालांकि किसान दिवस में समस्याएं उठ जाना पहला कदम है, असली परीक्षा इन शिकायतों के धरातल पर समाधान की होगी। समिति तक रास्ता, बंद समिति को पुनः संचालित करना, धान खरीद केंद्रों की व्यवहारिक दूरी और लंबित मुआवजे जैसे मुद्दों पर कार्रवाई की स्थिति आने वाले समय में प्रशासन की कार्यप्रणाली की वास्तविक तस्वीर सामने रखेगी।

बैठक में उप कृषि निदेशक डा. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव, अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, प्रगतिशील किसान सुरेंद्र राय सहित किसान एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh