- निबंध लेखन और संभाषण प्रतियोगिताओं के जरिए हिंदी के प्रति जागरूकता का संदेश, संरक्षण और संवर्धन पर जोर
(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
गोरखपुर,। सीआरसी गोरखपुर में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी पखवाड़े का समापन किया गया। एक सितंबर से 14 सितंबर तक चले पखवाड़े के दौरान प्रशिक्षुओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
हिंदी पखवाड़े के दौरान निबंध लेखन, संभाषण प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रम कराए गए। समापन अवसर पर प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि सीआरसी गोरखपुर मूल रूप से हिंदी भाषी क्षेत्र में कार्य करता है, इसलिए हिंदी दिवस का विशेष महत्व है। उन्होंने हिंदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।
केवल आयोजन नहीं, व्यवहार में हिंदी का प्रयोग भी जरूरी
हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रतियोगिताएं निश्चित रूप से भाषा के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने का माध्यम हैं, लेकिन हिंदी के संरक्षण और संवर्धन की वास्तविक सफलता केवल पखवाड़े के आयोजन या प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों में कार्यालयी कामकाज, पत्राचार, प्रशिक्षण और आम लोगों से संवाद में हिंदी का सहज एवं प्रभावी इस्तेमाल कितना बढ़ता है, यही ऐसे आयोजनों की दीर्घकालिक उपयोगिता का महत्वपूर्ण पैमाना हो सकता है।
सीआरसी जैसे संस्थानों के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां प्रशिक्षण और सेवाओं से जुड़े लोगों का सीधा संपर्क समाज के विभिन्न वर्गों से होता है। ऐसे में सरल और सहज हिंदी में संवाद संस्थागत सेवाओं को आमजन के लिए अधिक सुगम बनाने में मदद कर सकता है।
हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने भाषा के प्रति सम्मान और उसके व्यावहारिक उपयोग की आवश्यकता का संदेश दिया। अब चुनौती यह है कि हिंदी पखवाड़े की भावना पूरे वर्ष संस्थान के दैनिक कार्यों में दिखाई दे।

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