- धनघटा में पुलिस का दावा—आत्मसमर्पण की चेतावनी के बाद आरोपी ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली; तमंचा और कारतूस बरामद
(रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान एडिटर मिशन संदेश समाचार पत्र)
संतकबीरनगर,। धनघटा थाना क्षेत्र में बछड़े की चोरी और वध के मामले में वांछित आरोपी को पुलिस ने कथित मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ग्रामसभा खाजो पुरवा, मैली के पास कुआनो नदी के निकट हुई कार्रवाई में आरोपी महबूब पुत्र नूर हसन उर्फ ढिमल, निवासी मैली घायल हुआ। उसके बाएं पैर में गोली लगने के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में जिला चिकित्सालय खलीलाबाद में भर्ती कराया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के कब्जे से .315 बोर का अवैध देशी तमंचा, एक मिस कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ है। गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर धनघटा थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, पहले चेतावनी दी फिर हुई फायरिंग
पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर की रात बछड़े की चोरी कर वध किए जाने के मामले में महबूब वांछित था। 13 सितंबर को उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद धनघटा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की।
पुलिस का दावा है कि टीम ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए बार-बार चेतावनी दी, लेकिन उसने पुलिस टीम पर कथित रूप से जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई नियंत्रित फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ और बरामदगी के संबंध में पुलिस ने नियमानुसार विधिक कार्रवाई जारी होने की बात कही है।
पूछताछ में दो अन्य साथियों के नाम बताए
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि 10 सितंबर की रात उसने जहूर और सद्दाम के साथ मिलकर एक बछड़ा चोरी किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि चोरी किए गए बछड़े का वध करने के बाद मांस को जहूर के घर पर रखा गया, जबकि अवशेषों को नदी में बहा दिया गया।
हालांकि, पूछताछ में सामने आए इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि और नामजद अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने संबंधित मामले में आगे की कार्रवाई जारी रखी है।
मुठभेड़ की कार्रवाई पर भी निगरानी जरूरी
घटना में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ मुठभेड़ की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच और बरामदगी की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले गोली चलाई और जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ है। ऐसे मामलों में आगे की जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि घटनास्थल, बरामद हथियार, फायरिंग और मेडिकल रिपोर्ट आपस में कितने संगत हैं।
वहीं, बछड़े की चोरी और वध के मूल मामले में यदि अन्य लोग भी शामिल पाए जाते हैं तो उनकी भूमिका की जांच कर कानूनी कार्रवाई करना भी पुलिस के सामने महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
एसपी ने अस्पताल पहुंचकर लिया घायल आरोपी के उपचार का जायजा
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने जिला चिकित्सालय खलीलाबाद पहुंचकर घायल आरोपी के उपचार की स्थिति का जायजा लिया।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में धनघटा प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, निरीक्षक रामेश्वर यादव, चौकी प्रभारी लोहरैया मुकेश कुमार गुप्ता समेत थाना पुलिस के जवान तथा एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में एसओजी टीम शामिल रही।
महत्वपूर्ण: मुठभेड़, पूछताछ और आरोपी द्वारा बताए गए घटनाक्रम से संबंधित तथ्य फिलहाल पुलिस के आधिकारिक दावे पर आधारित हैं। आरोपी की दोषसिद्धि न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।


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