(By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संत कबीर नगर। पश्चिम बंगाल के हुगली साइबर थाना क्षेत्र में दर्ज पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के मुकदमे में वांछित एक अभियुक्त को हुगली पश्चिम बंगाल पुलिस और महुली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने संतकबीरनगर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त को उसके गांव नगुआ स्थित घर से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया और न्यायिक अभिरक्षा रिमांड के लिए न्यायालय भेजा गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में की गई।
हुगली में दर्ज था मुकदमा
पुलिस के मुताबिक साइबर थाना हुगली, पश्चिम बंगाल में मु0अ0सं0 10/2026 दर्ज है। इसमें बीएनएस की धारा 351(2), 351(3), 356, 37, पॉक्सो एक्ट की धारा 12 तथा आईटी एक्ट की धाराएं 67 और 67ए लगाई गई हैं।
इस मामले में महुली थाना क्षेत्र के ग्राम नगुआ निवासी अभिषेक पुत्र रामअशीष वांछित बताया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए हुगली साइबर थाना पुलिस की टीम संतकबीरनगर पहुंची और स्थानीय महुली पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार भागने का प्रयास किया
पुलिस के अनुसार, टीम ने अभियुक्त को उसके घर से पुलिस अभिरक्षा में लिया। पुलिस को देखकर उसने भागने का प्रयास किया। पूछताछ में उसके द्वारा कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में अपने विरुद्ध दर्ज मुकदमे से बचने के लिए भागने की बात बताई गई।
इसके बाद पुलिस ने उसे मुकदमे में वांछित होने की जानकारी देते हुए नियमानुसार हिरासत में लिया तथा गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी।
समीक्षा: अंतरराज्यीय समन्वय से कार्रवाई, अब न्यायिक प्रक्रिया पर नजर
इस कार्रवाई का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पश्चिम बंगाल में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में स्थानीय पुलिस के सहयोग से संतकबीरनगर में गिरफ्तारी की गई। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में आरोपी की लोकेशन दूसरे राज्य में होने के कारण पुलिस के लिए अंतरराज्यीय समन्वय स्वयं एक महत्वपूर्ण चुनौती होता है।
हालांकि गिरफ्तारी के बाद मामले की वास्तविक स्थिति का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों और धाराओं को न्यायालय में परीक्षण के बाद ही अंतिम रूप से देखा जाएगा। विशेष रूप से पॉक्सो और आईटी एक्ट से जुड़े मामलों में पीड़ित की गोपनीयता तथा विधिक प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन किया गया तथा अभियुक्त के परिजनों को नियमानुसार सूचना दी गई।
यह पुलिस टीम रही शामिल
हुगली साइबर थाना, पश्चिम बंगाल: निरीक्षक राजकिरन मुख्खोउपाध्याय, सहायक उपनिरीक्षक चिरजीत बागी, सहायक उपनिरीक्षक हराप्रसाद पोरे तथा कांस्टेबल शशिभूषण कुमार।
थाना महुली, संतकबीरनगर: उपनिरीक्षक प्रमेश कुमार मिश्रा एवं हेड कांस्टेबल अनिल कुमार।
गिरफ्तार अभियुक्त: अभिषेक पुत्र रामअशीष, निवासी नगुआ, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर।
नोट: अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं; गिरफ्तारी को दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Post a Comment