(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान के बीच धनघटा पुलिस ने स्कूल के सामने कथित तौर पर बालिकाओं पर अश्लील टिप्पणी करने और अश्लील गाने पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को धनघटा थाना क्षेत्र में स्कूल के सामने आने-जाने वाली बालिकाओं के समक्ष अश्लील टिप्पणी करने और वीडियो बनाने की शिकायत/सूचना पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने मौके से राहुल कुमार पुत्र सतई उर्फ सतीश, निवासी ग्राम नकहा, थाना धनघटा को गिरफ्तार किया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में सामने आया कि युवक सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के उद्देश्य से इस तरह के वीडियो बनाकर पोस्ट करता था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस की ओर से जारी जानकारी में नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया गतिविधियों और वीडियो के वास्तविक स्वरूप की जांच महत्वपूर्ण होगी।
प्रकरण में थाना धनघटा पर मु0अ0सं0 650/2026 के तहत धारा 296 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत भी कार्रवाई की गई और उसे उपजिला मजिस्ट्रेट धनघटा के न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे 14 दिनों के लिए जिला कारागार संतकबीरनगर भेजे जाने की बात पुलिस ने कही है।
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स्कूलों के आसपास सुरक्षा पर सवाल भी अहम
मामला केवल एक युवक की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। स्कूलों के आसपास बालिकाओं की सुरक्षा, पुलिस की नियमित गश्त, सीसीटीवी निगरानी और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री की मॉनिटरिंग जैसे सवाल भी इससे जुड़े हैं।
यदि पुलिस का आरोप जांच में सही पाया जाता है, तो यह भी महत्वपूर्ण होगा कि ऐसे वीडियो किस प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए, कितने लोगों तक पहुंचे और क्या इससे संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया है। साथ ही, स्कूल के आसपास इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस और विद्यालय प्रबंधन की ओर से क्या स्थायी व्यवस्था की जा रही है, यह भी सार्वजनिक हित का विषय है।
मिशन शक्ति जैसे अभियानों की प्रभावशीलता का आकलन केवल गिरफ्तारी की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से भी किया जाना चाहिए कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण कितना मिल रहा है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई कितनी त्वरित, निष्पक्ष तथा प्रभावी रहती है।
गिरफ्तारी टीम: उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव, चौकी प्रभारी पौली और कांस्टेबल अजय कुमार।
नोट: पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी। आरोपी को दोषी सिद्ध किए जाने तक कानूनन निर्दोष माना जाता है।

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