(Reported by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
खलीलाबाद संतकबीरनगर। थाना स्तर पर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से शनिवार, 26 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि समाधान दिवस में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय आवश्यकता के अनुसार मौके पर पहुंचकर स्थलीय जांच की जाए। खासकर ऐसे मामलों में, जिनमें वास्तविक स्थिति मौके पर जाकर ही स्पष्ट हो सकती है, संबंधित कर्मियों को जांच के बाद निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
कागज पर निस्तारण नहीं, जमीन पर समाधान की चुनौती
थाना समाधान दिवस की व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा माना जा सकता है, जब शिकायतकर्ता को कार्यालयी प्रक्रिया के साथ-साथ समस्या का व्यावहारिक समाधान भी मिले। पुलिस विभाग की ओर से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया जाना इसी दिशा में महत्वपूर्ण है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। वहीं, जिन प्रकरणों में उच्चाधिकारी स्तर से कार्रवाई आवश्यक है, उनमें संबंधित रिपोर्ट तैयार कर सक्षम अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
पुराने मामलों की स्थिति पर भी निगरानी जरूरी
थाना समाधान दिवस में शिकायत सुन लेना प्रक्रिया का पहला चरण है। असली सवाल यह है कि शिकायत के बाद जांच कितनी निष्पक्षता से हुई, संबंधित पक्षों को सुना गया या नहीं और शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिली या नहीं।
विशेषकर भूमि विवाद, रास्ते, कब्जे, पारिवारिक विवाद और पुलिस-राजस्व से जुड़े मामलों में स्थलीय जांच और विभागीय समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में अधिकारियों के निर्देशों के बाद अब निगरानी इस बात पर होगी कि शिकायतों का निस्तारण केवल रिपोर्ट में दर्ज होता है या वास्तव में फरियादियों की समस्या भी खत्म होती है।
थाना कोतवाली खलीलाबाद के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी समाधान दिवस के दौरान मौजूद रहे।
अब सवाल यह है कि समाधान दिवस में दिए गए निर्देशों का असर शिकायतों के निस्तारण के बाद जमीन पर कितना दिखाई देता है? आने वाले दिनों में लंबित और निस्तारित शिकायतों की वास्तविक स्थिति ही इस व्यवस्था की प्रभावशीलता की तस्वीर स्पष्ट करेगी।

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