Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर । सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उन्हें कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आगामी 1 नवंबर 2026 को संत कबीर अकादमी, मगहर में मेगा विधिक सेवा एवं सहायता शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई, जिसमें विभागों को समय रहते लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में आयोजित होने वाले इस शिविर की तैयारियों की समीक्षा जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने की। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह, नोडल अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी रुक्मणी वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
लाभार्थियों की पहचान पहले, शिविर में मिले योजनाओं का लाभ
बैठक में अपर जिला जज चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभागों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को शिविर से पहले ही चिह्नित कर लिया जाए। उद्देश्य यह है कि आयोजन के दिन केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित न रहा जाए, बल्कि पात्र लोगों को वास्तविक रूप से लाभान्वित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनके बीच जागरूकता बढ़ाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
कई विभाग लगाएंगे स्टॉल और सहायता कैंप
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकार द्वारा अनुमन्य योजनाओं से लाभान्वित करने पर जोर दिया। शिविर में समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, बाल विकास, चिकित्सा, पशुपालन, डूडा और प्रोबेशन सहित विभिन्न विभागों की भागीदारी प्रस्तावित है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल या सहायता कैंप लगाएं तथा वहां आने वाले लोगों को पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दें।
इस तरह का आयोजन उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें जानकारी के अभाव, दस्तावेजों की कमी या विभागीय कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई के कारण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
समीक्षा बैठक के बाद अब अमल की चुनौती
समीक्षात्मक दृष्टि से देखें तो मेगा विधिक सहायता शिविर की सफलता केवल अधिकारियों की बैठक और विभागीय स्टॉल लगाने से तय नहीं होगी। असली कसौटी यह होगी कि कितने पात्र लोगों की पहले से पहचान की गई, कितने लोगों के आवेदन पूरे कराए गए और कितने लाभार्थियों को वास्तव में योजनाओं का लाभ मिला।
अक्सर सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद पात्र लोगों को आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों और विभागीय औपचारिकताओं के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शिविर के दौरान मौके पर सहायता, आवेदन संबंधी मार्गदर्शन और लंबित मामलों के समाधान की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
1 नवंबर को संत कबीर अकादमी, मगहर में आयोजित होने वाला यह शिविर जरूरतमंदों के लिए कितना प्रभावी साबित होगा, यह तैयारियों के क्रियान्वयन और लाभार्थियों को मिलने वाली वास्तविक सहायता से स्पष्ट होगा।
बैठक में जिला विकास अधिकारी रुक्मणी वर्मा, उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, अपर उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, तहसीलदार धनघटा प्रतिमा मौर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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