Review Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर । घाघरा नदी में मत्स्य संसाधनों को बढ़ावा देने और मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बुधवार को बिडहर घाट पर 50 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं का संचय किया गया। कार्यक्रम में धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान की मौजूदगी रही। मत्स्य विभाग के अधिकारियों और स्थानीय मत्स्य पालकों ने भी इसमें भाग लिया।
मत्स्य विभाग के अनुसार घाघरा नदी में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचय नदी के मत्स्य संसाधनों को बढ़ाने की दिशा में एक पहल है। कार्यक्रम में उपनिदेशक मत्स्य बस्ती आर.के. श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंद किशोर, ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक संतकबीरनगर भूपेंद्र कुमार सिंह और ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक बस्ती मंडल विजय मिश्रा समेत अन्य मत्स्य पालक मौजूद रहे।
हालांकि, 50 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं को नदी में छोड़ देना अभियान का पहला चरण है, असली सवाल इसके बाद शुरू होता है। इनमें से कितनी अंगुलिकाएं सुरक्षित रहकर विकसित होती हैं, नदी का मौजूदा पर्यावरण और जल गुणवत्ता उनके अनुकूल है या नहीं और भविष्य में इससे स्थानीय मत्स्य पालकों की आय में कितना वास्तविक इजाफा होता है—इन पहलुओं की निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
इसके साथ ही नदी में मत्स्य संसाधन बढ़ाने की ऐसी पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि मत्स्य अंगुलिकाओं के संरक्षण, अवैध एवं अत्यधिक मछली पकड़ने पर नियंत्रण और नियमित विभागीय निगरानी की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है। यदि संचय के बाद इन पहलुओं पर भी निरंतर ध्यान दिया जाता है तो यह कदम नदी आधारित आजीविका के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
फिलहाल बिडहर घाट पर हुआ यह संचय घाघरा के मत्स्य संसाधनों को बढ़ाने की दिशा में एक पहल है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि 50 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं का यह आंकड़ा आगे चलकर नदी में वास्तविक मत्स्य उत्पादन और स्थानीय मत्स्य पालकों की आय में कितना दिखाई देता है।

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