- महिला हेल्पलाइन, साइबर अपराध और आत्मरक्षा के उपायों की दी जानकारी; ग्राम चौपालों में समस्याओं के समाधान और महिलाओं को निडर होकर आवाज उठाने के लिए किया प्रेरित
ब्यूरो रिपोर्ट मिशन संदेश | संतकबीरनगर। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर जागरूकता के दावे तभी सार्थक होंगे, जब महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होने के साथ जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने का भरोसा भी हो। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति फेज-6.0 अभियान के तहत संतकबीरनगर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम चलाया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों, महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, गांवों तथा अन्य स्थानों पर महिलाओं, बालिकाओं और आमजन से संवाद किया।
अभियान के दौरान महिला सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारों, आत्मरक्षा के उपायों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं पुलिस तक पहुंचाने तथा उनका विधिसम्मत समाधान कराने के लिए जागरूक किया गया।
बाजारों से गांवों तक पहुंचीं पुलिस टीमें
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने उमिले, बांसगांव, कांटे और सरैया बाईपास क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया। महिला थाना पुलिस ने समय माता मंदिर परिसर में लोगों को जागरूक किया। महुली पुलिस ने सिंगापुर गांव में तथा मेंहदावल पुलिस ने बर्तनहिया और अंजहिया बाजार क्षेत्र में अभियान चलाया। धर्मसिंहवा पुलिस ने देउरा और धर्मसिंहवा क्षेत्र में महिलाओं, बालिकाओं और स्कूली छात्राओं को जागरूक किया।
इस दौरान पंपलेट वितरित कर महिलाओं को उपलब्ध सहायता सेवाओं और सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने महिलाओं को किसी भी तरह की परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी, लेकिन जरूरत है प्रभावी सहायता की
अभियान के दौरान महिलाओं और आमजन को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- 1090: महिला पावरलाइन
- 112: पुलिस आपातकालीन सहायता
- 108: एंबुलेंस सेवा
- 1098: बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1930: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन
- cybercrime.gov.in: साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत का पोर्टल
पुलिस ने लोगों को जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। खासकर साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना शीघ्र देने से संबंधित कार्रवाई की संभावना बेहतर हो सकती है।
हालांकि, जागरूकता अभियान की वास्तविक उपयोगिता केवल हेल्पलाइन नंबर बताने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जरूरी यह भी है कि शिकायत करने वाली महिलाओं को समय पर सहायता मिले, उनकी बात गंभीरता से सुनी जाए और शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
ग्राम चौपालों में संवाद, अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने चौपाल शैली में संवाद सत्र आयोजित किए। महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, आत्मरक्षा के उपायों और सुरक्षा सेवाओं की जानकारी दी गई। उन्हें भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया कि वे अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखें और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएं।
ग्राम चौपालों का महत्व इसलिए भी है कि कई बार जानकारी के अभाव, सामाजिक दबाव या शिकायत की प्रक्रिया को लेकर असमंजस के कारण महिलाएं अपनी परेशानी साझा नहीं कर पातीं। ऐसे में गांवों तक पहुंचकर संवाद करना पुलिस और आमजन के बीच भरोसा बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।
जागरूकता के साथ जवाबदेही भी जरूरी
मिशन शक्ति जैसे अभियानों का उद्देश्य तभी प्रभावी रूप से पूरा होगा, जब जागरूकता कार्यक्रमों के साथ महिलाओं की शिकायतों के निस्तारण, सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचने की नियमित समीक्षा भी हो। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी जागरूकता जरूरी है, हालांकि जारी पुलिस विवरण में इस संबंध में किसी विशिष्ट कार्रवाई या आंकड़े का उल्लेख नहीं किया गया है।
फिलहाल संतकबीरनगर पुलिस की ओर से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जानकारी दी गई है। अब इन प्रयासों का असर इस बात से भी आंका जाएगा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति कितनी जागरूक होती हैं, जरूरत के समय सहायता सेवाओं तक कितनी आसानी से पहुंच पाती हैं और उनकी शिकायतों का समाधान किस स्तर पर होता है।
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