Top News

Santkabir Nagar News: टूटने की कगार पर पहुंचे दो वैवाहिक रिश्तों को मिला नया मौका, मिशन शक्ति के तहत परिवार परामर्श केंद्र में सुलह


  • संतकबीरनगर महिला थाना में ‘साथ-साथ कार्यक्रम’ के तहत दो दंपतियों के बीच कराया गया समझौता, आपसी सहमति से फिर साथ रहने को तैयार हुए पति-पत्नी

ब्यूरो रिपोर्ट मिशन संदेश | संतकबीरनगर। पारिवारिक विवाद जब संवाद की जगह ले लेते हैं, तो कई बार वर्षों का रिश्ता भी टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। ऐसे में समय रहते दोनों पक्षों की बात सुनना, गलतफहमियों को दूर करना और आपसी सहमति से समाधान तलाशना किसी परिवार को बिखरने से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य से संतकबीरनगर में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘साथ-साथ कार्यक्रम’ के तहत रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को दो दंपतियों के बीच सुलह-समझौता कराया गया।

महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में आयोजित इस प्रक्रिया की अध्यक्षता थानाध्यक्ष पूनम मौर्या ने की। इस दौरान काउंसलर रिफातुल्लाह अंसारी की मौजूदगी में पारिवारिक विवादों से जुड़े दो मामलों पर सुनवाई की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने और बातचीत के बाद आपसी सहमति से समझौता कराया गया।

पहला मामला: विवाद के बाद साथ रहने पर बनी सहमति

पहले मामले में सिद्धार्थनगर जनपद के खेसरहा थाना क्षेत्र के केसबार निवासी नसीमुनिशा और संतकबीरनगर के बेलहरकला थाना क्षेत्र के करमाकला निवासी उनके पति अलाउद्दीन के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। विवाद के कारण उनका वैवाहिक संबंध टूटने की कगार पर पहुंच गया था।

परिवार परामर्श केंद्र पर दोनों पक्षों की बात सुनी गई। पुलिस के मुताबिक, काउंसलिंग के दौरान उन्हें आपसी संवाद और समझदारी से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सुलह-समझौता कर लिया।

दूसरा मामला: मतभेद दूर करने के बाद साथ रहने का फैसला

दूसरे मामले में संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के सोनाड़ी गांव निवासी विनीता और गोरखपुर जनपद के बेलीपार थाना क्षेत्र के चनऊ उर्फ बेताआ गांव निवासी उनके पति बाबूराम के बीच पारिवारिक विवाद सामने आया था। विवाद के चलते उनका रिश्ता भी टूटने की कगार पर पहुंच गया था।

परिवार परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने के बाद आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। पुलिस के अनुसार, दोनों पति-पत्नी एक साथ रहने के लिए तैयार हो गए और उनके बीच सुलह-समझौता कराया गया।

समझौते से आगे भी जरूरी है संवाद और विश्वास

दो परिवारों के बीच सुलह होना निश्चित रूप से सकारात्मक पहल है, लेकिन किसी भी वैवाहिक रिश्ते में स्थायी शांति केवल समझौते तक सीमित नहीं होती। आपसी सम्मान, भरोसा, संवाद और एक-दूसरे की भावनाओं को समझना रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है।

परिवार परामर्श केंद्र जैसी पहल विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने का अवसर देती हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में यह भी महत्वपूर्ण है कि समझौता दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति से हो और किसी भी व्यक्ति पर दबाव न बनाया जाए। घरेलू हिंसा या सुरक्षा से जुड़ी शिकायत होने पर संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों को प्राथमिकता देना भी उतना ही आवश्यक है।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत परिवारों को टूटने से बचाने और पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए ‘साथ-साथ कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है।

संदेश यही है कि जहां संवाद की गुंजाइश हो, वहां समय रहते बातचीत और समझदारी से रिश्तों को एक और मौका दिया जा सकता है।

मिशन संदेश — सच समाचार ही मिशन है हमारा।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh