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Sidharthnagar News: बदहाल सड़क या भारी वाहनों का दबाव? बढ़नी में बालू लदा ट्रक तालाब में पलटा, चालक गंभीर घायल


  • दुधवानिया खुर्द–खुरहुरिया मार्ग पर हादसे के बाद सड़क किनारे बिखरी ईंटों ने खड़े किए सवाल, ग्रामीणों ने निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की उठाई मांग

बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। बढ़नी विकास खंड क्षेत्र के दुधवानिया खुर्द से खुरहुरिया जाने वाले पीडब्ल्यूडी मार्ग पर गुरुवार रात करीब नौ से साढ़े नौ बजे के बीच बालू लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित तालाब में पलट गया। हादसे में ट्रक चालक के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। गनीमत रही कि ट्रक पास में बने एक घर पर नहीं गिरा, अन्यथा हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

मिली जानकारी के अनुसार, बालू से भरा ट्रक हृदयनगर की ओर से होकर वापस आ रहा था। इसी दौरान दुधवानिया खुर्द गांव के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे तालाब में पलट गया। हादसे में चालक को गंभीर चोटें आने की बात कही जा रही है। हालांकि, घायल चालक को उपचार के लिए कहां ले जाया गया और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण मार्गों की स्थिति, भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटनास्थल के आसपास सड़क किनारे ईंटों के बड़े-बड़े टुकड़े बिखरे होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मार्ग पर निर्माण कार्य की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन सड़क की मौजूदा स्थिति को लेकर ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।

भारी वाहनों की आवाजाही कितनी सुरक्षित?

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग का इस्तेमाल ग्रामीण रोजमर्रा के आवागमन के लिए करते हैं। ऐसे रास्ते पर कई टन बालू लदे भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सड़क की चौड़ाई, सतह की स्थिति और किनारों की मजबूती का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे बिखरे ईंटों के टुकड़े राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।

हालांकि, ट्रक पलटने की घटना के पीछे सड़क की बदहाली, वाहन की गति, चालक का नियंत्रण या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। ऐसे में सड़क की स्थिति को हादसे का एकमात्र कारण मानना उचित नहीं होगा, लेकिन घटना के बाद मार्ग की सुरक्षा की समीक्षा की जरूरत जरूर महसूस की जा रही है।

निर्माण की मांग के बावजूद समस्या बरकरार होने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति सुधारने और निर्माण कराने की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है। इसके बावजूद मार्ग की दशा को लेकर असंतोष बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि यदि सड़क किनारे निर्माण सामग्री या ईंटों के टुकड़े बिखरे हैं, तो उन्हें हटाने और आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं?

ग्रामीणों की नाराजगी केवल सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही की स्थिति का भी आकलन किया जाए, ताकि ग्रामीणों, राहगीरों और आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

अब जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई पर निगाहें

दुधवानिया खुर्द–खुरहुरिया मार्ग पर हुआ यह हादसा संबंधित विभाग के लिए सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने और सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करने का अवसर भी है। ग्रामीणों की मांग है कि पीडब्ल्यूडी विभाग मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करे, सड़क किनारे बिखरे ईंटों के टुकड़ों को हटाने की व्यवस्था करे और आवश्यकतानुसार मरम्मत अथवा निर्माण कार्य कराया जाए।

साथ ही, भारी वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न संभावित जोखिमों का आकलन कर उचित सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। यदि मार्ग पर निर्माण कार्य प्रस्तावित है, तो उसकी स्थिति और कार्य शुरू होने की समय-सीमा भी स्पष्ट की जानी चाहिए।

फिलहाल, ट्रक पलटने की घटना ने ग्रामीण सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की मांगों पर कार्रवाई करते हुए मार्ग की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाता है या यह समस्या किसी अगले हादसे के बाद फिर चर्चा में आएगी।

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