"डीएम अनुज मलिक और एसपी संदीप कुमार मीना ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण, पारदर्शिता और नकलविहीन परीक्षा के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर"
मिशन संदेश | संतकबीरनगर, 23 अक्टूबर 2026।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए संतकबीरनगर जिला प्रशासन ने तैयारियों की निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी अनुज मलिक और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर को सक्रिय स्थिति में रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि बिजली बाधित होने की स्थिति में निगरानी व्यवस्था प्रभावित न हो। इन निर्देशों का उद्देश्य परीक्षा के दौरान होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखना और किसी भी संभावित अनियमितता को रोकना है।
मोबाइल और आईटी गैजेट्स पर प्रतिबंध, तलाशी व्यवस्था पर जोर
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्र परिसर में मोबाइल फोन और प्रतिबंधित आईटी गैजेट्स ले जाने पर रोक के निर्देश दिए गए। अभ्यर्थियों की जांच के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने को कहा गया।
प्रशासनिक निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया कि परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। प्रवेश और तलाशी की व्यवस्था ऐसी हो कि प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके। हालांकि, इन व्यवस्थाओं की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन परीक्षा के दौरान उनके क्रियान्वयन से ही होगा।
बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं की भी होगी परीक्षा
परीक्षा की निष्पक्षता केवल नकल रोकने तक सीमित नहीं है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर परीक्षा देने के लिए पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीएम और एसपी ने परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक स्टाफ, बिजली, पेयजल और जनरेटर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बिजली आपूर्ति में बाधा, सीसीटीवी कैमरों का बंद होना या व्यवस्थाओं में कमी परीक्षा संचालन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन महत्वपूर्ण होगा।
निर्देशों से आगे, धरातल पर अनुपालन सबसे अहम
PET-2026 जैसी परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य और रोजगार संबंधी संभावनाएं जुड़ी होती हैं। इसलिए परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सीसीटीवी निगरानी, प्रतिबंधित गैजेट्स पर रोक और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती जैसे कदम तभी प्रभावी साबित होंगे, जब उनका पालन बिना भेदभाव और पूरी सतर्कता के साथ किया जाए।
डीएम और एसपी ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
फिलहाल, प्रशासनिक निरीक्षण के जरिए परीक्षा तैयारियों को दुरुस्त रखने का संदेश दिया गया है। अब इन व्यवस्थाओं की वास्तविक परीक्षा आयोजन के दौरान होगी, जब यह सुनिश्चित करना होगा कि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष वातावरण मिले और किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

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