पूर्व राष्ट्रपति ने नागरिकता कानून पर तोड़ी चुप्पी, दी सरकार को नसीहत,बोले जिन लोगों ने आपको वोट नहीं...


दिल्ली ।


नागरिकता संशोधन कानून पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इस कानून को बले ही पारित करवा लिया हो लेकिन विपक्षी दल इस कानून के खिलाफ ही मोर्चा खोले हुए हैं।


इतना ही नहीं कानून का विरोध करने के लिए छात्र भी आंदोलित हो गए हैं और प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं। इसकी बानगी दिल्ली में देखने को मिली है। वहीं पहली बार देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नागरिकता कानून पर चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने सरकार को बड़ी नसीहत दे दी है.


कांग्रेस से लेकर छात्र कर रहे हैं विरोध


नरेंद्र मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन कानून का देश में विरोध हो रहा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस कानून का पुरजोर विरोध कर रही है। सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तो तमाम कांग्रेस नेताओं के साथ इंडिया गेट के आगे धरने पर बैठ गईं। वहीं दूसरी ओर जामिया, जेएनयू और एएमयू के छात्र भी इस कानून को वापस लेने की मांग रहे हैं और जमकर विरोध कर रहे हैं। रविवार को ये विरोध काफी हिंसक हो गया था और जामिया नगर में तीन बसों को फूंक दिया गया था।


जानें पहली बार क्या बोले प्रणब मुखर्जी


देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी पहली बार इस कानून को लेकर चुप्पी तोड़ दी है। वो सोमवार को इंडिया फाउंडेशन नाम के संगठन के तरफ से आयोजित द्वितीय अटल बिहारी वाजपेयी लेक्चर को संबोधित करने पहुंचे थे। कानून को लेकर वो मोदी सरकार से इशारों में बोले कि जिन लोगों ने वोट नहीं दिया, सरकारों को उनकी भी सुननी चाहिए। प्रणब बोले कि सबको साथ लेकर चलना जरूरी है। प्रणब बोले कि बहुसंख्यकवाद और बहुमतवाद में अंतर होना चाहिए। वो बोले कि संसद का मजबूत होना जरूरी है। 


Represent By-Balram Gangwani


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