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हिंद महासागर में भारत की कूटनीतिक बढ़त: सेशेल्स दौरे पर पीएम मोदी ने 9 समझौतों के साथ खोले सहयोग के नए द्वार

 


1,250 करोड़ रुपये की ऋण सहायता का ऐलान, डिजिटल भुगतान, समुद्री सुरक्षा और विकास साझेदारी को मिली नई गति

नई दिल्ली/विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा भारत की "पड़ोसी पहले" (Neighbourhood First) और SAGAR (Security and Growth for All in the Region) नीति के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में सामने आई है। यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच कुल नौ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जबकि भारत ने सेशेल्स के विकास कार्यों के लिए 1,250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट (Line of Credit) देने की घोषणा भी की।

दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में डिजिटल भुगतान प्रणाली, समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और सेशेल्स केवल मित्र देश ही नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा सेशेल्स के विकास, सुरक्षा और समृद्धि में एक विश्वसनीय सहयोगी की भूमिका निभाता रहेगा।

यात्रा के दौरान भारत द्वारा घोषित 1,250 करोड़ रुपये की ऋण सहायता का उपयोग सेशेल्स में आधारभूत ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा। इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हिंद महासागर में बढ़ेगा भारत का प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स हिंद महासागर में रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण देश है। ऐसे समय में जब इस क्षेत्र में वैश्विक शक्तियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है, भारत का सेशेल्स के साथ सहयोग मजबूत होना उसकी समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय रणनीति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

भारत लंबे समय से सेशेल्स को तटरक्षक जहाज, रक्षा प्रशिक्षण, निगरानी प्रणाली और मानवीय सहायता उपलब्ध कराता रहा है। नए समझौते इस सहयोग को और व्यापक बनाएंगे।

डिजिटल इंडिया मॉडल को मिलेगा वैश्विक विस्तार

इस यात्रा की एक प्रमुख उपलब्धि डिजिटल भुगतान प्रणाली में सहयोग का समझौता भी रहा। इसके तहत भारत अपने यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल भुगतान अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता को सेशेल्स के साथ साझा करेगा। इससे वहां डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार एवं पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है।

भारत की समुद्री नीति को मिली मजबूती

विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का भी स्पष्ट संकेत देती है। समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर बढ़ा सहयोग आने वाले वर्षों में भारत की क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करेगा।

भारत और सेशेल्स के बीच हुए ये समझौते दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और साझा विकास के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


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