(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस के "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रभावी विवेचना और सशक्त अभियोजन के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष 7 माह के कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-द्वितीय) डॉ. दिव्यानन्द द्विवेदी की अदालत ने थाना महुली में वर्ष 2011 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में आरोपी सुभाष यादव, निवासी मीरपुर, थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर को दोषसिद्ध कर यह सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार यह फैसला गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी का परिणाम है, जो प्रदेश स्तर पर संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान की प्राथमिकताओं के अनुरूप है। अभियान का उद्देश्य गंभीर आपराधिक मामलों में शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित कर दोषियों को सजा दिलाना और कानून के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करना है।
हालांकि, यह मामला वर्ष 2011 का है और निर्णय आने में करीब 15 वर्ष का समय लगा। ऐसे में यह सफलता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही यह सवाल भी उठाती है कि गंभीर आपराधिक मामलों के निस्तारण में इतनी लंबी देरी क्यों होती है। न्याय में विलंब पीड़ितों और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि न्याय तभी अधिक प्रभावी माना जाता है जब वह समयबद्ध भी हो।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन जैसे अभियानों की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब प्रभावी विवेचना के साथ-साथ अभियोजन, गवाहों की सुरक्षा, समयबद्ध सुनवाई और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए। इससे न केवल अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा, बल्कि आमजन का न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी और मजबूत होगा।

Post a Comment