कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम को लेकर सभी थानों में पीस कमेटी की बैठक, डीजे संचालकों को नियमों के पालन की सख्त हिदायत
संतकबीरनगर। पवित्र सावन मास की कांवड़ यात्रा और आगामी चेहल्लुम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को जनपद के सभी थानों पर शांति समिति (पीस कमेटी) की बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारीगण की निगरानी में आयोजित बैठकों में धर्मगुरुओं, संभ्रांत नागरिकों, शांति समिति के सदस्यों और डीजे संचालकों के साथ कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की। डीजे संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा और समय-सीमा के अनुरूप ही किया जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा न करने की भी हिदायत दी गई।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने या शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने सभी समुदायों से सहयोग की अपील करते हुए त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का आग्रह किया।
हालांकि, हर वर्ष त्योहारों से पहले आयोजित होने वाली पीस कमेटी की बैठकों की वास्तविक सफलता केवल औपचारिक बैठकें कर लेने से नहीं, बल्कि उनके निर्णयों के प्रभावी पालन से तय होगी। ध्वनि प्रदूषण, जुलूस मार्गों पर अव्यवस्था, यातायात बाधित होना और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें आज भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में केवल चेतावनी देने के बजाय संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया, स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था को भी समान रूप से मजबूत करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन, पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय ही कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम जैसे संवेदनशील अवसरों पर शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की सबसे प्रभावी कुंजी साबित हो सकता है।


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