संत कबीर नगर, 17 अगस्त 2026। जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को जिले की तीनों तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। खलीलाबाद तहसील में जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं, जबकि मेंहदावल में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह ने सुनवाई की। धनघटा तहसील में उप जिलाधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने फरियादियों की शिकायतों पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
तीनों तहसीलों में कुल 102 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 17 मामलों का मौके पर निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से शिकायतों के निस्तारण के साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसे कार्रवाई के परिणाम से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया।
खलीलाबाद में डीएम ने सुनी 45 शिकायतें
खलीलाबाद तहसील में जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 45 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 10 मामलों का मौके पर निस्तारण कराया गया। पांच प्रकरणों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम मौके पर भेजी गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि उसके मूल कारण की जांच करते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी महत्वपूर्ण है। निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को कार्रवाई के परिणाम की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वि/रा) सत्य प्रकाश और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस शिकायतों पर एसपी ने दिए मौके पर कार्रवाई के निर्देश
कानून एवं व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई अपर पुलिस अधीक्षक ने की। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई करें।
राजस्व विवादों में भी पुलिस और राजस्व विभाग के बीच समन्वय बनाकर स्थलीय निरीक्षण तथा दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। प्रशासन के निर्देशों से स्पष्ट है कि समाधान दिवस में केवल शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है।
मेंहदावल में 32 शिकायतें, तीन का तत्काल निस्तारण
मेंहदावल तहसील में आयोजित समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह ने शिकायतें सुनीं। यहां 32 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से तीन का मौके पर निस्तारण कराया गया। दो मामलों में स्थलीय निरीक्षण के लिए संबंधित टीम भेजी गई।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद, पैमाइश सहित अन्य राजस्व मामलों में आवश्यकतानुसार मौके पर जांच की जाए। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही नियमानुसार निर्णय लेने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा।
धनघटा में 25 में से 10 मामलों का मौके पर समाधान
धनघटा तहसील में उप जिलाधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। यहां 25 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर निस्तारण कराया गया। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेजकर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उप जिलाधिकारी ने भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, वरासत और खतौनी में त्रुटि जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को मौके पर जांच करने तथा दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।
आंकड़े बताते हैं कि अभी लंबित शिकायतों पर भी चुनौती
तीनों तहसीलों में 102 शिकायतों में से 17 का मौके पर निस्तारण होना तत्काल राहत की स्थिति को दर्शाता है, लेकिन 85 प्रकरणों का समाधान अभी संबंधित विभागों के स्तर पर होना बाकी है। यही वह चरण है जहां सम्पूर्ण समाधान दिवस की वास्तविक प्रभावशीलता परखी जाएगी। शिकायतों को संबंधित विभागों तक भेज देना समाधान की अंतिम प्रक्रिया नहीं है; उनकी समयबद्ध जांच, निष्पक्ष निर्णय और शिकायतकर्ता तक परिणाम की जानकारी पहुंचना ही व्यवस्था की सफलता का वास्तविक पैमाना होगा।
प्रशासन के निर्देशों में बार-बार गुणवत्ता, समयबद्धता, स्थलीय जांच और शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर जोर दिया गया है। ऐसे में अब निगाह इस बात पर रहेगी कि समाधान दिवस में दर्ज शेष शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में किस स्तर तक प्रभावी ढंग से हो पाता है।
— सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित।

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