(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संत कबीर नगर, 17 अगस्त 2026। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को जमीनी स्तर तक पहुंचाने वाले उचित दर विक्रेताओं के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उचित दर विक्रेताओं का लाभांश 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल करने की घोषणा की। इसके साथ ही सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के अंतर्गत ई-पास आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ भी किया गया।
सरकार के इस निर्णय को राशन वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कोटेदारों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने की दिशा में कदम माना जा रहा है। संत कबीर नगर में भी मुख्यमंत्री की घोषणा का सजीव प्रसारण किया गया, जिसमें जनपद के उचित दर विक्रेताओं ने हिस्सा लिया।
863 कोटेदारों को मिलेगा लाभ
जिले में इस फैसले से 863 उचित दर विक्रेता लाभान्वित होंगे। खलीलाबाद में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विधायक खलीलाबाद अंकुर राज तिवारी, जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदयराम तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार सहित पूर्ति विभाग के अधिकारी और उचित दर विक्रेता मौजूद रहे।
मेंहदावल और धनघटा में भी तहसील स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र के 170, धनघटा के 150 और खलीलाबाद के 150 उचित दर विक्रेताओं ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कोटेदारों की भूमिका महत्वपूर्ण, लेकिन जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी
कार्यक्रम में विधायक अंकुर राज तिवारी ने लाभांश बढ़ाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लाभार्थियों तक पहुंचाने में कोटेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेता सरकार की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में लगातार सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कोटेदारों से अपनी दुकानों को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने तथा उपलब्ध कराए जाने वाले 39 प्रकार के सामानों को दुकान पर रखने का सुझाव भी दिया, ताकि उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें।
वहीं, लाभांश बढ़ने के साथ उचित दर विक्रेताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ती है। राशन वितरण में पारदर्शिता, पात्र लाभार्थियों को समय से खाद्यान्न उपलब्ध कराना, ई-पास मशीन का सही इस्तेमाल और वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता से बचना व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए जरूरी होगा।
ई-पास आधारित फीडबैक प्रणाली से बढ़ सकती है पारदर्शिता
मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई ई-पास आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली को भी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत यह व्यवस्था खाद्यान्न आपूर्ति से जुड़े अनुभव और समस्याओं को दर्ज करने में मदद कर सकती है।
यदि फीडबैक प्रणाली का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हुआ तो खाद्यान्न की आपूर्ति, परिवहन और वितरण से जुड़े स्तरों पर सामने आने वाली समस्याओं की पहचान तेजी से की जा सकती है। हालांकि, किसी भी डिजिटल व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्राप्त शिकायतों और सुझावों पर विभागीय स्तर से कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई होती है।
लाभांश वृद्धि से बढ़ेगी आर्थिक राहत, पर निगरानी भी जरूरी
90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किया गया लाभांश 35 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि है। बड़ी संख्या में राशन वितरण करने वाले उचित दर विक्रेताओं के लिए यह अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। सरकार की ओर से यह कदम कोटेदारों के लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक दबाव को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
लेकिन लाभांश में वृद्धि के साथ वितरण व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। गरीब और पात्र परिवारों को निर्धारित मात्रा और समय पर राशन मिले, वितरण में पारदर्शिता रहे और ई-पास व्यवस्था का सही उपयोग हो—इन बिंदुओं पर प्रशासन को निरंतर निगरानी रखनी होगी।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने भी उचित दर विक्रेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों और कोटेदारों को यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को समय से राशन उपलब्ध हो।
इस तरह सरकार का लाभांश बढ़ाने का फैसला जहां कोटेदारों के लिए आर्थिक राहत का कदम है, वहीं इसके साथ जुड़ी पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली भी परखी जाएगी।



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