(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने ट्रक से डीजल चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 20 लीटर डीजल से भरा प्लास्टिक का गैलन और चोरी में प्रयुक्त प्लास्टिक पाइप से भरी एक बोरी बरामद करने का दावा किया है। गिरफ्तारी के बाद संबंधित मुकदमे में बरामदगी के आधार पर एक और धारा की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दूबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को जिगना चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया।
ट्रक से डीजल चोरी की मिली थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, श्रवण सोनी पुत्र मुक्तनाथ, निवासी मिश्रौलिया दुर्बासा, थाना पैकोलिया, जनपद बस्ती, 25 अगस्त 2026 को कुशीनगर से ट्रक के जरिए सीमेंट लेकर आ रहे थे। रात होने पर उन्होंने भुजैनी चौराहे के पास सड़क किनारे ट्रक खड़ा कर दिया और उसमें सो गए।
अगली रात ट्रक से डीजल चोरी होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने कोतवाली खलीलाबाद पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 794/2026, धारा 303(2), 324(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के बाद दो आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने संदिग्धों की तलाश और उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी क्रम में पुलिस ने राहुल पासवान पुत्र नगीना पासवान, निवासी रामपुर कारखाना, देवरिया और बबलू उर्फ रामजतन पुत्र रामाधार, निवासी दुदही, थाना चौरी चौरा, गोरखपुर को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक प्लास्टिक के गैलन में 20 लीटर डीजल तथा घटना में इस्तेमाल किया गया प्लास्टिक पाइप से भरा एक बोरा बरामद किया। पुलिस के मुताबिक बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
डीजल चोरी की घटनाओं पर निगरानी जरूरी
ट्रकों से डीजल चोरी की घटनाएं वाहन चालकों और परिवहन कारोबारियों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं। खासकर हाईवे और प्रमुख चौराहों के आसपास रात में खड़े वाहनों को अपराधी निशाना बना सकते हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को पुलिस की त्वरित जांच का परिणाम माना जा सकता है।
हालांकि, मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि चोरी की घटना में इस्तेमाल किए गए तरीके, संभावित अन्य घटनाओं में उनकी भूमिका और किसी संगठित गिरोह से संबंध हैं या नहीं, इसकी जांच की जाए। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
इनकी रही अहम भूमिका
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रभान्शु राय, हेड कांस्टेबल मोहम्मद यूसूफ, हेड कांस्टेबल दीपचन्द्र राजभर, कांस्टेबल सत्यम सिंह, चन्द्रशेखर, राघवेन्द्र प्रकाश सिंह और मुकेश यादव शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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