संतकबीरनगर। रिश्तों में आई दरार को हमेशा कानूनी लड़ाई तक पहुंचाना जरूरी नहीं होता। कई बार सही समय पर किया गया संवाद, समझाइश और संवेदनशील काउंसलिंग परिवार को टूटने से बचा सकती है। इसी उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के ‘साथ-साथ’ कार्यक्रम के तहत संतकबीरनगर महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केन्द्र ने रविवार को तीन पारिवारिक मामलों में प्रभावी काउंसलिंग कराकर आपसी सुलह-समझौता कराया।
काउंसलिंग के बाद दूर हुईं पारिवारिक दूरियां
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी पूनम मौर्या की अध्यक्षता में परिवार परामर्श केन्द्र पर पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।
परामर्श केन्द्र में पहुंचे पक्षकारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर आपसी मतभेदों और विवाद के कारणों को समझने का प्रयास किया गया। समझाइश के बाद तीनों मामलों में संबंधित पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर साथ रहने पर सहमति जताई।
टूटते रिश्तों को एक और मौका
पहले मामले में पति-पत्नी के बीच विवाद के कारण वैवाहिक संबंध टूटने की स्थिति में पहुंच गया था। परिवार परामर्श केन्द्र की काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने मतभेद दूर कर साथ रहने का निर्णय लिया।
दूसरे मामले में एक महिला और उसके पति के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद को लेकर परामर्श किया गया। दोनों पक्षों को समझाने के बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान कराया गया।
तीसरे मामले में भी पति-पत्नी के बीच मतभेद के कारण रिश्ता प्रभावित हो रहा था। काउंसलिंग के बाद दोनों ने पुराने मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने पर सहमति जताई।
इस दौरान महिला आरक्षी विनीता सिंह, महिला आरक्षी रिंकी गौतम तथा काउंसलर रिफातुल्लाह अंसारी मौजूद रहे।
पुलिस की भूमिका का मानवीय पक्ष
पारिवारिक विवादों में पुलिस की भूमिका अक्सर कानूनी कार्रवाई तक सीमित समझी जाती है, लेकिन ‘साथ-साथ’ कार्यक्रम पुलिस की भूमिका के एक दूसरे मानवीय पक्ष को सामने लाता है। यहां उद्देश्य किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों को सुनकर संवाद के जरिए समाधान की संभावनाएं तलाशना है।
हालांकि हर पारिवारिक विवाद का समाधान समझौते से संभव नहीं होता और गंभीर अपराध या अधिकारों के उल्लंघन वाले मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई आवश्यक है। लेकिन जहां दोनों पक्ष स्वेच्छा से विवाद समाप्त कर साथ रहना चाहते हैं, वहां काउंसलिंग रिश्तों को बचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
तीन परिवारों में लौटी सहमति, अभियान ने दिया सकारात्मक संदेश
30 अगस्त को तीन परिवारों में कराया गया सुलह-समझौता यह संदेश देता है कि समय रहते संवाद और संवेदनशील हस्तक्षेप कई रिश्तों को टूटने से बचा सकता है। मिशन शक्ति के ‘साथ-साथ’ कार्यक्रम का लक्ष्य भी यही है कि पारिवारिक विवादों को आपसी बातचीत और काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाते हुए परिवारों में सौहार्द, विश्वास और आपसी समझ को मजबूत किया जाए।



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