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संतकबीरनगर में मिशन शक्ति 5.0 का बड़ा एक्शन: नाबालिग से जुड़े अपरण- दुष्कर्म मामले में बाल अपचारी निरुद्ध


  • 11 अगस्त को दर्ज हुआ था मुकदमा, पुलिस ने वांछित बाल अपचारी को नौरंगिया तिराहा से पकड़ा; न्यायालय के समक्ष किया पेश

(मिशन संदेश साप्ताहिक समाचार पत्र एवं डिजिटल न्यूज)

संतकबीरनगर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामले में वांछित बाल अपचारी को निरुद्ध किया है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना किया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में की गई।

11 अगस्त को दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के अनुसार, वादी की ओर से 11 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में शिकायत देकर अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले में थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 740/2026, धारा 137(2), 87, 64(1), 62 बीएनएस तथा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।

नौरंगिया तिराहा से किया गया निरुद्ध

पुलिस के मुताबिक, महिला एवं बाल अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने 29 अगस्त 2026 को नौरंगिया तिराहा से मुकदमे में वांछित बाल अपचारी को निरुद्ध कर लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए भेजा गया।

बाल अपराध मामलों में संवेदनशीलता जरूरी

नाबालिग से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते समय कानून के प्रावधानों के साथ-साथ पीड़ित की पहचान और गरिमा की सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस की कार्रवाई ऐसे मामलों में कानून के प्रभावी अनुपालन का हिस्सा है, वहीं मामले का अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगा।

मिशन शक्ति जैसे अभियानों के तहत महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय दिलाने के साथ ही ऐसे मामलों में पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अब मामले की विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई तय होगी।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

बाल अपचारी को निरुद्ध करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राभवन गुप्ता और हेड कांस्टेबल अनुराग मौर्या शामिल रहे।

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