- दवाओं की उपलब्धता, एक्स-रे मशीन और ब्लड सैंपल व्यवस्था का लिया जायजा; गैरहाजिर कर्मचारियों पर कार्रवाई के संकेत
सेमरियावां, संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सेमरियावां की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए शनिवार को उपजिलाधिकारी खलीलाबाद सदर हृदयराम तिवारी ने करीब 12 बजे औचक निरीक्षण किया। एसडीएम के अचानक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से कर्मचारियों में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर की जांच में करीब आधा दर्जन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने सबसे पहले कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था की जांच की। उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार एएनएम इमराना खातून, एसटीएस देवव्रत लाल, स्टाफ नर्स विद्या सिंह और स्टाफ नर्स जानकी गुप्ता सहित करीब आधा दर्जन कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। अचानक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की गैरहाजिरी सामने आने से स्वास्थ्य केंद्र की अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की भी हुई पड़ताल
एसडीएम ने स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं, उनके रख-रखाव, जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को दवाओं की आपूर्ति की स्थिति के संबंध में जानकारी ली।
इसके अलावा उन्होंने एक्स-रे मशीन और ब्लड सैंपल से संबंधित व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध अन्य संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की स्थिति भी देखी गई। निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के संकेत
कर्मचारियों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम हृदयराम तिवारी ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए हैं। उनके अनुसार, अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य केंद्रों में बढ़ेगी जवाबदेही
एसडीएम का औचक निरीक्षण स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर निगरानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि निर्धारित समय में कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर मरीजों को सेवाएं उपलब्ध कराएं।
हालांकि निरीक्षण में अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने की बात सामने आई है, लेकिन करीब आधा दर्जन कर्मचारियों का अनुपस्थित मिलना व्यवस्था के अनुशासन पक्ष पर सवाल जरूर खड़ा करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग स्तर से क्या कार्रवाई की जाती है और भविष्य में उनकी उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली में कितना सुधार आता है।
निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक राकेश श्रीवास्तव, डॉ. जावेद अख्तर अंसारी, फार्मासिस्ट अफजाल अहमद, आईओ कौसर खान सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
News Source fecebook NA Siddiqui

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