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विकसित भारत में दिव्यांगजनों की भागीदारी पर मंथन, सीआरसी के जागरूकता कार्यक्रम में समावेशी समाज की जरूरत पर जोर


(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)

गोरखपुर। विकसित भारत के निर्माण में दिव्यांगजनों की भूमिका और समाज में उनके प्रभावी समावेशन को लेकर सीआरसी गोरखपुर एवं एचएसएस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘विकसित भारत में दिव्यांगजन और हमारा समाज’ विषय पर रविवार को एक दिवसीय जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनकी क्षमताओं के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओडिशा कैडर के सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस अधिकारी अरुण उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता और कुशलता के अनुरूप कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब समाज के प्रत्येक वर्ग की प्रतिभा और क्षमता का उपयोग विकास के लिए किया जाएगा, तभी विकसित समाज की अवधारणा को वास्तविक रूप दिया जा सकेगा।

कार्यक्रम में गोरखपुर की पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडे की भी उपस्थिति रही। अध्यक्षीय संबोधन में सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि सीआरसी गोरखपुर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में दिव्यांगजनों के लिए भारत सरकार का राज्य स्तरीय संसाधन केंद्र है। केंद्र की ओर से दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की पुनर्वास सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहायता या पुनर्वास तक सीमित रखने के बजाय उन्हें शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक गतिविधियों में समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि दिव्यांगजनों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और उनका सफल सामाजिक समावेशन सुनिश्चित हो।


जागरूकता से आगे बढ़कर अवसर उपलब्ध कराने की चुनौती

कार्यक्रम का उद्देश्य महत्वपूर्ण होने के बावजूद दिव्यांगजनों के समावेशन की वास्तविक सफलता केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रह सकती। जमीनी स्तर पर आज भी शिक्षा, रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, सुगम सार्वजनिक परिवहन, भवनों में पहुंच, सहायक उपकरण और सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।

ऐसे में जरूरत इस बात की है कि जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध योजनाओं और सुविधाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए। सरकारी संस्थानों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और समाज के स्तर पर समन्वित प्रयास ही ‘समावेशी विकास’ की अवधारणा को धरातल पर मजबूत कर सकते हैं।

कार्यक्रम में एचएसएस फाउंडेशन के प्रमोद दुबे सहित सीआरसी गोरखपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक अरविंद कुमार पांडे ने किया।

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