(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। आगामी बारावफात पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए महुली पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में पुलिस टीम ने 20 अगस्त 2026 को गांव-गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों, संभ्रांत नागरिकों और आयोजकों से संवाद किया। इस दौरान पर्व से जुड़े कार्यक्रमों, संभावित जुलूस मार्ग, समय, सहभागिता और स्थानीय व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाने के साथ लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने गए।
पुलिस कार्यालय मीडिया सेल के अनुसार, यह अभियान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में चलाया गया। पुलिस टीम ने क्षेत्र में भ्रमण कर स्थानीय स्तर पर पर्व की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जनसंवाद से व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
महुली पुलिस का गांव-गांव पहुंचकर संवाद करना केवल सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि पुलिस-जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल भी है। पर्व के दौरान जुलूस या अन्य धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़े मार्ग, समय और स्थानीय परिस्थितियों की पहले से जानकारी होने पर पुलिस के लिए भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़ी तैयारियां बेहतर ढंग से करना आसान हो सकता है।
संवाद के दौरान पुलिस ने लोगों से अपील की कि बारावफात पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाया जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक या विवादित सामग्री साझा करने से बचने की सलाह दी गई।
अफवाहों पर नजर, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील
पुलिस ने क्षेत्रवासियों से कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा ऐसी सूचना, जिससे शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, उसे तत्काल पुलिस के संज्ञान में लाया जाए। सोशल मीडिया के दौर में अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं, इसलिए पुलिस की यह अपील पर्व के दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि त्योहारों का उद्देश्य समाज में खुशियों, भाईचारे और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है। ऐसे में किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी संवाद और कानून के दायरे में समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।
पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा
महुली पुलिस ने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। पुलिस-जनता के बीच सहयोग और विश्वास को शांतिपूर्ण पर्व की सबसे मजबूत नींव बताते हुए लोगों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की गई।
समीक्षात्मक रूप से देखें तो पर्व से पहले गांव-गांव जनसंवाद की रणनीति पुलिसिंग को केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय संभावित परिस्थितियों की पहले से पहचान और रोकथाम की दिशा में ले जाती है। स्थानीय आयोजकों और नागरिकों से सीधे संवाद के जरिए यदि सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाता है, तो बारावफात जैसे महत्वपूर्ण पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में यह पहल प्रभावी साबित हो सकती है।

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