संतकबीरनगर। जालसाजी और धोखाधड़ी के जरिए जमीन का फर्जी बैनामा कराने के मामले में थाना धनघटा पुलिस ने एक वांछित बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर न्यायालय भेजा है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर साथियों के साथ मिलकर दूसरे व्यक्ति के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराने, बैंक खाता खुलवाने तथा उसी फर्जी पहचान के आधार पर जमीन का बैनामा कराने और रकम हड़पने का आरोप है।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, मामले में थाना धनघटा पर मु0अ0सं0 515/2026 के तहत धारा 3(5), 318(4), 319(2), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस में अभियोग दर्ज है। इसी मुकदमे में वांछित बाल अपचारी को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया और आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
शिकायत के बाद सामने आया कथित फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार 19 जुलाई 2026 को चन्द्रावती देवी पत्नी दीपनरायन, निवासी नगवा पोस्ट जैतपुर, थाना सहजनवा, जनपद गोरखपुर ने धनघटा थाने में तहरीर दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बाल अपचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए दूसरे व्यक्ति के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराया। इसके बाद कथित तौर पर बैंक खाता खुलवाकर फर्जी पहचान के आधार पर जमीन का बैनामा कराया गया और रकम हड़प ली गई।
यह मामला केवल जमीन संबंधी विवाद तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि पहचान दस्तावेजों की कथित जालसाजी और उनके आधार पर वित्तीय व संपत्ति संबंधी लेनदेन से जुड़ा होने के कारण गंभीर है। ऐसे मामलों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल वास्तविक खाताधारक या भू-स्वामी के अधिकारों को प्रभावित करने के साथ-साथ खरीदारों को भी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है।
हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि साक्ष्यों और न्यायालयीन प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम: वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार दूबे और कांस्टेबल रामप्रवेश राजभर।

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