Top News

लगातार सामने आ रही गांजा बिक्री की घटनाएं, मेंहदावल पुलिस ने 350 ग्राम अवैध गांजे के साथ आरोपी दबोचा



(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)

संतकबीरनगर। जनपद में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में थाना मेंहदावल पुलिस ने 350 ग्राम अवैध गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की यह कार्रवाई मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, लेकिन जिले में गांजे की लगातार बरामदगी यह सवाल भी खड़ा करती है कि कार्रवाई के बावजूद इसके स्रोत और स्थानीय नेटवर्क पर कितनी प्रभावी रोक लग पा रही है।

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग के दौरान बीमापार के पास कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार मौके से प्रमोद निषाद पुत्र श्यामदेव, निवासी अमरडोभा, थाना मेंहदावल, को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 350 ग्राम गांजा बरामद होने का दावा किया गया है।

बरामदगी के बाद एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा

पुलिस ने बरामदगी के आधार पर थाना मेंहदावल में मु0अ0सं0 346/2026 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई के साथ नेटवर्क पर भी जरूरी निगरानी

गांजे की बरामदगी और गिरफ्तारी निश्चित रूप से पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, लेकिन मादक पदार्थों के खिलाफ वास्तविक सफलता केवल छोटे स्तर के कैरियर या विक्रेता की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। लगातार सामने आने वाली ऐसी घटनाएं इस बात की ओर संकेत करती हैं कि मादक पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री का कोई न कोई नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती केवल बरामद गांजे की मात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि गांजा कहां से आया, किसे पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, इसका पता लगाने की भी है। यदि जांच इन बिंदुओं तक पहुंचती है तो कार्रवाई का प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।

विशेष रूप से युवाओं और किशोरों तक मादक पदार्थों की पहुंच रोकना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इसलिए गिरफ्तारी के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना जुटाने और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रहार की रणनीति आवश्यक है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

उपनिरीक्षक जयनाथ यादव, हेड कांस्टेबल प्रमोद गुप्ता, कांस्टेबल अजय वर्मा और कांस्टेबल अनुराग कुमार सिंह शामिल रहे।

नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोप पुलिस के अनुसार हैं। मामले में दोष सिद्धि न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh