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21 किलो 400 ग्राम गांजे के साथ अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बुलेट और नकदी भी बरामद की



Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh) 

संतकबीरनगर। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को 21 किलो 400 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से गांजे के अलावा एक बुलेट मोटरसाइकिल और 3,500 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राज शेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक खलीलाबाद जयप्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय की टीम ने किया।

लखनऊ ले जाने की बात सामने आई

पुलिस के मुताबिक, 26 सितंबर 2026 की रात करीब 12:04 बजे ग्राम नौहट के पूरब स्थित आम की बगिया के पास सुनसान सड़क पर चेकिंग/गश्त के दौरान आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि मोटरसाइकिल के पीछे बोरे में गांजा रखा गया था।

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह गांजा लेकर लखनऊ बेचने के लिए जा रहा था और इससे पहले भी इसी रास्ते से गांजा लेकर कई बार आना-जाना कर चुका है। पुलिस के अनुसार उसने बुलेट मोटरसाइकिल सिवान, बिहार के एक व्यक्ति से खरीदी थी।

हालांकि, पूछताछ में सामने आए इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। आगे की जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद गांजा कहां से आया, इसकी आपूर्ति श्रृंखला में कौन-कौन लोग शामिल हैं और लखनऊ में इसका संभावित खरीदार कौन था।

आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज बताए गए हैं 18 मुकदमे

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान चन्द्रभूषण सिंह पुत्र जितेन्द्र सिंह, निवासी छित्तनपुर, थाना असांव, जनपद सिवान, बिहार के रूप में की है।

पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ बलिया, देवरिया और गोरखपुर जनपद के विभिन्न थानों में वर्ष 2020 से 2024 के बीच कुल 18 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें चोरी, बरामदगी से जुड़े अपराध, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी, गैंगस्टर/समाज विरोधी गतिविधियों से संबंधित धाराएं तथा एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।

इन मामलों में आरोपी की वास्तविक स्थिति—किस मामले में दोषसिद्धि हुई, किन मामलों की जांच या सुनवाई लंबित है और किन मामलों में राहत मिली—यह न्यायालयीन रिकॉर्ड से अलग-अलग सत्यापित किए जाने का विषय है। केवल मुकदमा दर्ज होना दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

पुलिस के अनुसार बरामदगी और गिरफ्तारी के संबंध में कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 900/2026, धारा 317(2) बीएनएस एवं 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

बरामदगी में—

  • 21 किलो 400 ग्राम गांजा
  • 01 बुलेट मोटरसाइकिल
  • 3,500 रुपये नकद

शामिल हैं।

कार्रवाई के बाद अब जांच की दिशा अहम

21 किलो से अधिक मादक पदार्थ की बरामदगी को देखते हुए यह मामला केवल एक कथित तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। यदि पुलिस के दावे और आरोपी के कथित बयान जांच में पुष्ट होते हैं तो मादक पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत, परिवहन नेटवर्क और संभावित खरीदारों तक पहुंचना जांच की महत्वपूर्ण कड़ी होगी।

खासकर आरोपी द्वारा पहले भी इसी मार्ग से गांजा ले जाने की कथित जानकारी दिए जाने के बाद यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि क्या इस रास्ते पर पहले से मादक पदार्थों की आवाजाही की कोई सूचना पुलिस के संज्ञान में थी और यदि थी तो निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही।

फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी सार्वजनिक की है। अब मामले की आगे की विवेचना में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बरामद गांजे की पूरी सप्लाई चेन कहां तक फैली है और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दूबे, उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार तिवारी, शैलेन्द्र कुमार और धर्मनाथ यादव, कांस्टेबल प्रशान्त सिंह, विशाल सिंह, सत्यम सिंह, बलराम यादव, अनिल यादव और कृष्ण नारायण गौड़ तथा एसओजी प्रभारी रजनीश राय, हेड कांस्टेबल अनुप कुमार राय, धनंजय श्रीवास्तव, विवेक राय, कांस्टेबल दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, शुभम कुमार, विवेक मिश्रा और सर्वेश मिश्रा शामिल रहे।

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