(Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संतकबीरनगर। दुधारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 2 किलो 100 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक गांजा स्कूटी की डिक्की में रखा हुआ था। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राज शेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत थानाध्यक्ष दुधारा अमित कुशवाहा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
मस्जिद के पास चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को उचहरा कला गांव स्थित मस्जिद के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान शराफत अली पुत्र अली अहमद, निवासी उचहरा कला, थाना दुधारा को रोककर तलाशी ली गई।
पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान उसकी स्कूटी की डिक्की से 2 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और स्कूटी को भी कब्जे में लिया गया।
आसपास के क्षेत्र में बिक्री का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह स्कूटी के जरिए आसपास के क्षेत्र में गांजा बेचता था और घटना के दिन भी गांजा बिक्री के लिए ले जा रहा था।
हालांकि, पूछताछ में सामने आया यह कथित बयान पुलिस का दावा है, जिसकी स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद गांजा आरोपी तक कहां से पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई सप्लायर अथवा अन्य लोग भी जुड़े हैं।
समीक्षात्मक सवाल: सिर्फ गिरफ्तारी या सप्लाई चैन तक पहुंचेगी जांच?
मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की कार्रवाई का एक हिस्सा है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई का अगला चरण सप्लाई के स्रोत और संभावित खरीदारों तक पहुंचना भी हो सकता है। यदि आरोपी के पास 2.1 किलो गांजा उपलब्ध था, तो जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना अहम होगा कि इसकी आपूर्ति कहां से हुई और इसे किन इलाकों में खपाया जाना था।
बरामदगी
- 2 किलो 100 ग्राम गांजा
- एक स्कूटी
कार्रवाई करने वाली टीम में उ0नि0 अनिल प्रकाश पाण्डेय, हे0का0 दुर्गेश कुमार, का0 भीम कुमार और का0 रंजन कुमार शामिल रहे।
नोट: आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस की कार्रवाई और दावे पर आधारित हैं। मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय के अधीन होगी।

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