(Report -Akash Pati Tripathi edited by Mohammad Sayeed Pathan)
देवरिया। श्रीरामपुर थाना क्षेत्र में कथित धर्म परिवर्तन के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से बाइबल, क्रॉस लॉकेट, अंगूठियां, माला, कैलेंडर, बैग, मोबाइल फोन और बैनर समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है। मामले में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर आरोप है कि वे गरीब और अशिक्षित महिलाओं को ईसा मसीह के विचारों एवं कथित चमत्कारों के बारे में बताते थे और उनकी समस्याएं दूर करने का दावा करते थे। पुलिस का यह भी कहना है कि पैसे अथवा अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रामकुंवर निवासी देवरिया, अनील साह गौड़ निवासी पश्चिम चम्पारण, बिहार और सुरेश राम निवासी गोपालगंज, बिहार के रूप में बताई गई है।
बरामद धार्मिक सामग्री क्या साबित करती है?
मामले में बाइबल, क्रॉस लॉकेट, माला या अन्य धार्मिक सामग्री की बरामदगी पुलिस कार्रवाई का हिस्सा है, लेकिन सिर्फ धार्मिक सामग्री मिलना अपने आप में धर्म परिवर्तन का प्रमाण नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविकता इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच में कथित प्रलोभन, दबाव, जबरन धर्म परिवर्तन अथवा कानून में परिभाषित अन्य निषिद्ध गतिविधियों से संबंधित क्या ठोस साक्ष्य सामने आते हैं।
ऐसे मामलों में पुलिस के आरोप और बरामदगी के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, शिकायतकर्ता/पीड़ितों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य जांच निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि लगाए गए आरोपों के समर्थन में कितने ठोस साक्ष्य सामने आते हैं और न्यायिक प्रक्रिया में मामले की स्थिति क्या रहती है। आरोप सिद्ध होने तक गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्ति कानून की नजर में आरोपी हैं।

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