(Reported by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संतकबीरनगर। साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत और पुलिस की बैंकिंग स्तर पर की गई पैरवी से पीड़ितों को राहत मिलने का एक और मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत थाना दुधारा की साइबर हेल्प डेस्क ने दो अलग-अलग मामलों में कुल ₹2,950 की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई।
हालांकि, दोनों मामलों की प्रकृति अलग रही। एक मामले में पूरी रकम वापस हो गई, जबकि दूसरे मामले में अभी आंशिक धनराशि ही रिकवर हो सकी है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि साइबर ठगी के बाद शिकायत में देरी होने पर धनराशि की वापसी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
12 घंटे में ₹2,000 की पूरी रकम वापस
पुलिस के अनुसार, पिपरहांकार निवासी मोहम्मद फुजैल पुत्र मोहम्मद इस्माइल ने 27 सितंबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई कि उनसे भूलवश अज्ञात व्यक्ति के खाते में ₹2,000 स्थानांतरित हो गए थे।
शिकायत मिलते ही दुधारा साइबर हेल्प डेस्क ने संबंधित बैंकिंग माध्यमों से कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि टीम के प्रयास से करीब 12 घंटे के भीतर ₹2,000 की पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
जूते की ऑनलाइन खरीद में फंसे ₹950 वापस
दूसरे मामले में मेलानखुर्द निवासी मुबारक ने ऑनलाइन जूते खरीदने के लिए भुगतान किया था। आरोप है कि भुगतान लेने के बाद संबंधित व्यक्ति ने न तो सामान उपलब्ध कराया और न ही रकम वापस की।
शिकायत के बाद साइबर टीम ने संबंधित बैंकिंग माध्यमों से धनराशि की रिकवरी के लिए पैरवी की। पुलिस के मुताबिक, ₹950 की धनराशि प्रथम चरण में वापस करा दी गई है, जबकि शेष रकम की रिकवरी के लिए संबंधित बैंकों से समन्वय जारी है।
समीक्षात्मक पहलू: समय पर शिकायत बनी राहत की अहम कड़ी
इन दोनों मामलों से साइबर ठगी के बाद तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अहमियत सामने आती है। हालांकि पुलिस द्वारा रकम वापस कराए जाने की कार्रवाई राहत देने वाली है, लेकिन दूसरे मामले में पूरी धनराशि की वापसी अभी बाकी है। ऐसे में साइबर अपराध के मामलों में त्वरित शिकायत, बैंकिंग जानकारी उपलब्ध कराना और लेन-देन से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर तत्काल सूचना दी जा सकती है और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में थानाध्यक्ष दुधारा अमित कुमार कुशवाहा, साइबर सेल प्रभारी उ0नि0 अनिल मिश्रा, का0 अनुज कुमार सिंह, का0 ऋषिकेश यादव, रि0का0 हर्ष सिंह राजकुमार तथा रि0म0का0 एकता सिंह शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार धनराशि वापस मिलने पर दोनों पीड़ितों एवं उनके परिजनों ने पुलिस टीम के प्रति आभार जताया।
संतकबीरनगर पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक, मैसेज और ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की अपील की है। OTP, UPI PIN, CVV, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर देरी किए बिना 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
समीक्षात्मक सवाल: साइबर ठगी के मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण है, लेकिन आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच अब भी डिजिटल लेन-देन में सावधानी और ठगी की स्थिति में तत्काल रिपोर्टिंग ही है।

Post a Comment