संतकबीरनगर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में आयोजित कार्यशाला में ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर पर महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा, अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला का आयोजन पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में किया गया। इसमें थाना कोतवाली खलीलाबाद की महिला उपनिरीक्षक संगीता विश्वकर्मा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों और सामुदायिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में आशा बहुओं, समूह सखी, पंचायत सदस्यों, कृषि आजीविका सखी, आजीविका सखी, एमएस (MS), बीएमएम (BMM), डीएमसी (DMC), खंड प्रेरक, पंचायत सहायक और सहायक अध्यापिकाओं सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कानून, हेल्पलाइन और सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों और आपातकालीन सहायता व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को 112, 1090 और 1930 सहित महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित अथवा उनके परिजन समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।
इसके साथ ही विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं और महिलाओं के लिए उपलब्ध सहायता एवं सुरक्षा सेवाओं के संबंध में भी जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण के बाद गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
कार्यशाला की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह रही कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर महिलाओं, बहुओं और बेटियों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य पुलिस और प्रशासन से जुड़ी सुरक्षा एवं सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी को केवल कार्यशाला तक सीमित न रखते हुए गांव और समुदाय के स्तर तक पहुंचाना है।
समीक्षात्मक दृष्टि से देखें तो महिला सुरक्षा से जुड़े अभियानों की सफलता केवल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने से नहीं, बल्कि उसके बाद समुदाय में जागरूकता की निरंतरता और जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता तंत्र की वास्तविक पहुंच से तय होती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं, आजीविका सखियों, पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षिकाओं जैसे समुदाय से सीधे जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देना अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
महिला सुरक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी पर जोर
मिशन शक्ति 5.0 के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यशाला इस बात पर केंद्रित रही कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी न होकर परिवार, पंचायत, विद्यालय और समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी बने। महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी होने से वे संकट की स्थिति में समय रहते उचित माध्यम से मदद ले सकती हैं।
संतकबीरनगर पुलिस की ओर से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए इस तरह के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान की वास्तविक प्रभावशीलता इस बात से आंकी जाएगी कि प्रशिक्षण के बाद स्थानीय प्रतिनिधि कितनी व्यापकता से महिलाओं तक जानकारी पहुंचाते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहायता उपलब्ध कराने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

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