- जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह बोले—शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलेगी संविधान और कानूनी अधिकारों की जानकारी
संत कबीर नगर । संविधान के प्रति जागरूकता और कानूनी अधिकारों की समझ केवल न्यायालयों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों तक भी पहुंचे—इसी उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपद न्यायालय सभागार में संविधान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुक्रवार को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न इंटर कॉलेजों के शिक्षकों को संविधान, मौलिक अधिकारों और विधिक सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने कहा कि शिक्षकों को दिया गया यह प्रशिक्षण विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सार्थक साबित होगा। शिक्षक जब संविधान और कानून से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगे, तो उनमें अपने अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायिक अधिकारी अनन्या साह ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम के उद्देश्यों और इसकी कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों के बीच लीगल लिटरेसी क्लब गठित करने, विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन और जागरूकता संबंधी गतिविधियों के माध्यम से कानूनी जानकारी को विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों, राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों और विभिन्न संवैधानिक अनुच्छेदों की जानकारी देते हुए शिक्षकों को समझाया कि इन विषयों को विद्यार्थियों के बीच किस प्रकार सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव ने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल करने से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम, लोक अदालत और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया। इसके साथ ही टोल-फ्री नंबर 15100 और बाल सहायता नंबर 1098 की उपयोगिता समझाई तथा प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया, लोक अदालत और आगामी एक नवंबर को आयोजित होने वाले मेगा शिविर के संबंध में जानकारी साझा की।
जागरूकता की पहल के साथ क्रियान्वयन भी अहम
संविधान संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को कानूनी जानकारी देकर विद्यार्थियों तक उसका प्रसार करना है। हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विद्यालयों में लीगल लिटरेसी क्लब कितनी प्रभावी ढंग से गठित होते हैं, नियमित गतिविधियां कितनी आयोजित की जाती हैं और विद्यार्थी अपने अधिकारों तथा कानूनी सहायता की प्रक्रिया को कितना समझ पाते हैं। संविधान और कानून की जानकारी यदि केवल औपचारिक प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की नियमित शैक्षिक गतिविधियों का हिस्सा बने, तो यह पहल उन्हें जागरूक नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम में अपर जिला जज गजेंद्र सिंह, अपर जिला जज एवं पॉक्सो कोर्ट के न्यायिक अधिकारी कृष्ण कुमार, अध्यापिका माला तिवारी, संजय प्रसाद, कृष्ण मोहन मिश्र, आशीष कुमार, बलवंत विश्वकर्मा, ऋचा श्रीवास्तव, सुमिता सिन्हा, डॉ. चंद्र प्रकाश सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।

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