Report Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper
गोंडा/संतकबीरनगर। विनोद निषाद उर्फ विनोद साहनी प्रकरण को लेकर निषाद पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए न्याय की मांग तेज कर दी है। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय गोंडा पर धरने पर बैठे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
धरने के दौरान पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया कि मामला केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार की सुरक्षा एवं भविष्य की जिम्मेदारी भी सरकार को सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुआवजे से लेकर सरकारी नौकरी तक की मांग
निषाद पार्टी ने पीड़ित परिवार को तत्काल पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि परिवार के भरण-पोषण को देखते हुए उसके एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जानी चाहिए।
इसके अलावा पीड़ित परिवार और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बच्चों की शिक्षा का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने की मांग भी रखी गई है।
षड्यंत्र के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग
पार्टी ने आरोप लगाया है कि विनोद साहनी को कथित तौर पर भड़काने और गुमराह करने के साथ हत्या के षड्यंत्र में कुछ लोग शामिल हो सकते हैं। निषाद पार्टी ने ऐसे सभी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से कथित तौर पर जुड़े लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। ऐसे गंभीर आरोपों में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी होगा। यही कारण है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग इस राजनीतिक आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बनकर सामने आई है।
बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी उठी
निषाद पार्टी ने कथित हत्यारों और षड्यंत्रकारियों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि ऐसी कार्रवाई किसी आरोप या राजनीतिक दबाव के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित संपत्ति की वैधता और कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के बाद ही होनी चाहिए।
सवाल सिर्फ धरने का नहीं, जांच और कार्रवाई के परिणाम का है
राजनीतिक दलों द्वारा पीड़ित परिवार के पक्ष में आवाज उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह रहेगा कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार क्या कार्रवाई होती है।
परिवार को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी जैसी मांगें तत्काल राहत दे सकती हैं, लेकिन किसी भी आपराधिक मामले में स्थायी न्याय का आधार निष्पक्ष जांच, साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया ही होगी।
निषाद पार्टी ने कहा है कि वह अपने कार्यकर्ता और उसके परिवार के साथ खड़ी है तथा न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा।
अब निगाह शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। क्या पीड़ित परिवार की मांगों पर तत्काल राहत मिलेगी? क्या मामले की निष्पक्ष जांच होगी? और यदि षड्यंत्र के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों पर कितनी कठोर कार्रवाई होगी—इन सवालों के जवाब ही इस आंदोलन की आगे की दिशा तय करेंगे।
मिशन संदेश | संतकबीरनगर
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