(Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संत कबीर नगर, । जिले में रोजगार, ग्रामीण आवास, स्वयं सहायता समूहों और पंचायतीराज से जुड़ी योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी अनुज मलिक ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने लाभार्थीपरक योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति बढ़ाने के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियमित स्थलीय निरीक्षण पर विशेष जोर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और सभी विकास खंडों के अधिकारी मौजूद रहे।
रोजगार सृजन और जॉब कार्ड की ई-केवाईसी पर जोर
वीबी-जी राम जी योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक रोजगारपरक कार्य कराने के निर्देश दिए। उद्देश्य बताया गया कि श्रमिकों की मांग के अनुसार उन्हें काम उपलब्ध कराया जा सके और रोजगार दिवसों का सृजन बढ़े।
डीएम ने सभी जॉब कार्डधारकों की ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों का सत्यापन हो सके और डुप्लीकेसी की संभावना कम की जा सके। वहीं, एनएमएस ऐप के माध्यम से दैनिक उपस्थिति दर्ज कराने में धीमी प्रगति वाले विकास खंडों को अपनी स्थिति की समीक्षा कर सुधार लाने को कहा गया।
समीक्षा में विभिन्न विकास खंडों में निर्मित आंगनबाड़ी और अन्नपूर्णा भवनों के शेष कार्य जल्द पूरा कर संबंधित विभाग को हैंडओवर करने के निर्देश भी दिए गए। क्षेत्र पंचायत स्तर से प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने को कहा गया।
स्वयं सहायता समूहों की प्रगति पर चार ब्लॉक पिछड़े
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में समूह गठन, परिवार संतृप्तिकरण, रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि, बैंक क्रेडिट लिंकेज, स्वयं सहायता समूहों के बचत खाते और ‘लखपति दीदी’ से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
प्रशासन के अनुसार सेमरियावां, मेहदावल, पौली और सांथा विकास खंडों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। जिलाधिकारी ने इन विकास खंडों को प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए और अगली समीक्षा बैठक में सुधार की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
1774 के लक्ष्य में 1773 आवास स्वीकृत, पुराने आवास अभी बाकी
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 1,774 आवासों का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 1,773 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
डीएम ने स्वीकृत आवासों को निर्धारित प्रगति के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के 28 लंबित मुख्यमंत्री आवासों को भी जल्द पूरा कराने को कहा गया। ‘जीरो पॉवर्टी’ के लाभार्थियों को आवास की किस्तों का भुगतान तेजी से करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पिछले वर्षों के 153 लंबित प्रधानमंत्री आवासों को पूरा कराने तथा अगली बैठक में वर्षवार स्थिति प्रस्तुत करने को कहा गया।
स्वच्छता और पंचायत भवनों की गुणवत्ता पर निगरानी
पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की संख्या बढ़ाने और सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव पर जोर दिया गया। पंचायत भवनों के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराने तथा सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ शौचालय योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। धनघटा क्षेत्र के शिवबखरी गांव में निर्माणाधीन पंचायत उत्सव भवन को भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
निर्देशों के बाद असली कसौटी होगी जमीनी अमल
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को विकास खंड स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण और लाभार्थीपरक योजनाओं में पात्र लोगों के कवरेज की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया गया।
हालांकि, समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद अब महत्वपूर्ण सवाल जमीनी क्रियान्वयन का है। रोजगार मांगने वाले श्रमिकों को समय पर काम, पात्र परिवारों को आवास की किस्त, स्वयं सहायता समूहों को बैंक क्रेडिट और निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता—इन सभी की वास्तविक स्थिति नियमित स्थलीय निरीक्षण और सार्वजनिक प्रगति रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगी।
बैठक में जिला विकास अधिकारी रूक्मिणी वर्मा, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार डॉ. प्रभात द्विवेदी, डीसी एनआरएलएम प्रवीण कुमार शुक्ल, परियोजना निदेशक विजयन्त कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


Post a Comment