(Report- and edited by-Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संत कबीर नगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर की ओर से गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जिले के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी दी जा रही है।
इसी क्रम में हीरालाल राम निवास इंटर कॉलेज में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने विद्यार्थियों को POCSO एक्ट के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ ऐसा शारीरिक व्यवहार किया जाता है जिससे वह असहज महसूस करे, तो उसे डरने या चुप रहने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
जिला जज ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से बच्चों का बहुमुखी विकास होता है।
गांधी के विचारों से भी कराया परिचित
शिविर में महात्मा गांधी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने तथा आपसी द्वेष से दूर रहते हुए मजबूत राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने भी विद्यार्थियों के कानूनी सवालों और जिज्ञासाओं का जवाब दिया तथा उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी।
अन्य विद्यालयों में भी पहुंचे न्यायिक अधिकारी
इसी क्रम में आदर्श इंटर कॉलेज सिहटीकर में सिविल जज सीनियर डिवीजन संजय राज पाण्डेय और सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी द्वितीय निधि मिश्रा ने विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। विद्यार्थियों को POCSO कानून के प्रावधानों, इसके अंतर्गत आने वाले अपराधों और दोष सिद्ध होने पर निर्धारित दंड के संबंध में जानकारी दी गई।
इसके अलावा चीफ एलएडीसीएस अंजय श्रीवास्तव, मीडिएटर नासरीन खान, भानु प्रकाश यादव तथा पराविधिक स्वयंसेवकों अरविंद राय, संध्या रानी, अफराक अहमद, मंजूरानी शर्मा, अमित त्रिपाठी और लल्लन द्वारा भी जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
बच्चों को दिया सहायता का संदेश
जागरूकता शिविरों में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि “अन्याय न सहें, न करें।” न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, शोषण या असुरक्षा की स्थिति में वे सहायता के लिए संबंधित हेल्पलाइन और संस्थाओं से संपर्क कर सकते हैं।
चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
पुलिस हेल्पलाइन – 112
नालसा हेल्पलाइन – 15100
इसके अलावा बाल कल्याण समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से भी सहायता ली जा सकती है।
इन जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को केवल कानून की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी अनुचित घटना की स्थिति में चुप्पी तोड़कर मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

Post a Comment