By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। जिले में मौसम के संभावित बदलाव और मध्यम से भारी बारिश, आकाशीय बिजली तथा तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आमजन के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक आवागमन से बचने और मौसम खराब होने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
एडवाइजरी में खास तौर पर जलभराव, उफनते नाले, विद्युत उपकरणों, आकाशीय बिजली और किसानों-पशुपालकों की सुरक्षा को लेकर सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि भारी बारिश या जलभराव की स्थिति में केवल बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। वाहन चलाते समय गति धीमी रखें, हेडलाइट ऑन रखें और आगे चल रहे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
विशेष रूप से जलमग्न सड़कों, निचले पुल-पुलियों और उफनते नालों को पार करने का जोखिम न उठाने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान पानी की गहराई और बहाव का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए थोड़े समय की जल्दबाजी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
आकाशीय बिजली से बचाव सबसे जरूरी
बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षित पक्के भवनों के अंदर रहने और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने को कहा है।
जलभराव अथवा गीली दीवारों के संपर्क में आने वाले विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने की भी सलाह दी गई है।
समीक्षात्मक तौर पर देखें तो बारिश के दौरान बिजली से जुड़े हादसों का खतरा केवल मौसम की तीव्रता से नहीं, बल्कि असावधानी और खराब विद्युत सुरक्षा व्यवस्था से भी बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिक सावधानी के साथ स्थानीय स्तर पर विद्युत विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष सावधानी
किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को जलभराव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
पशुपालकों से कहा गया है कि वे मवेशियों को खुले खेतों या पेड़ों के नीचे बांधने के बजाय पक्के शेड अथवा सुरक्षित स्थान पर रखें।
बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान पशुओं की सुरक्षा को नजरअंदाज करना भी नुकसान का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य सुरक्षा को भी लेकर चेतावनी
प्रशासन ने बारिश के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए पेयजल को उबालकर अथवा छानकर पीने की सलाह दी है। घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने देने की अपील की गई है, जिससे मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित किया जा सके।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
किसी भी आपात स्थिति, जलभराव अथवा सहायता के लिए प्रशासन ने निम्न नंबर जारी किए हैं—
- जिला आपदा विशेषज्ञ: 9598666578
- उपजिलाधिकारी खलीलाबाद: 9454415925
- उपजिलाधिकारी मेहदावल: 9454415926
- उपजिलाधिकारी धनघटा: 9454415927
- जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 1077 (टोल फ्री)
- पुलिस आपातकालीन सेवा: 112
- एंबुलेंस: 108 / 102
- बिजली शिकायत केंद्र: 1912
एडवाइजरी से आगे तैयारी की भी जरूरत
मौसम की चेतावनी के बीच जारी यह एडवाइजरी नागरिकों को संभावित जोखिमों से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन बारिश के दौरान वास्तविक चुनौती जमीनी स्तर पर जलभराव, बिजली आपूर्ति, सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया की होती है।
ऐसे में सवाल यह भी है कि संवेदनशील जलभराव वाले स्थानों की पहले से पहचान, नालों की सफाई, बिजली व्यवस्था की निगरानी और आपातकालीन टीमों की त्वरित तैनाती कितनी प्रभावी है। विशेषकर ग्रामीण और निचले इलाकों में प्रशासनिक मशीनरी की तत्परता किसी भी आपदा के प्रभाव को कम करने में निर्णायक हो सकती है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से केवल आधिकारिक और प्रामाणिक सूचनाओं पर भरोसा करने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है। मौसम खराब होने की स्थिति में सावधानी, समय पर सूचना और प्रशासनिक तंत्र से संपर्क ही जोखिम को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम हो सकता है।

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