अनुज मलिक ने परियोजनाओं की समीक्षा कर समयसीमा में काम पूरा कराने के दिए निर्देश, पूर्ण परियोजनाओं को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने पर जोर
Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर, । जनपद में सरकारी धनराशि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयसीमा को लेकर जिलाधिकारी अनुज मलिक ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की परियोजनाओं का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराया जा रहा है, उनके विभागाध्यक्ष नियमित रूप से निरीक्षण और समीक्षा करें। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी, गुणवत्ता में कमी अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर इसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजनावार निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। जिन परियोजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध हो चुकी है, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निभानी होगी।
निर्माण कार्यों की निगरानी केवल कार्यदायी संस्थाओं के भरोसे नहीं
जिलाधिकारी ने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करें। केवल कार्यदायी संस्था से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्माण की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी जरूरी है। यदि किसी परियोजना में काम की गति धीमी है, निर्माण मानकों में कमी है या किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी समय रहते दी जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस निर्देश का महत्व इसलिए भी है कि सरकारी परियोजनाओं में संबंधित विभाग और निर्माण कराने वाली संस्था, दोनों की भूमिका अहम होती है। ऐसे में नियमित निरीक्षण से निर्माण की कमियों की पहचान समय पर हो सकती है और परियोजनाओं के अनावश्यक रूप से लंबित रहने की स्थिति को कम किया जा सकता है।
CMIS पोर्टल पर दर्ज करनी होगी निर्माण कार्यों की प्रगति
जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति सीएमआईएस (CMIS) पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज कराई जाए। इससे परियोजनाओं की स्थिति की निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति की समीक्षा में मदद मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। निर्माण पूरा होने के बाद परियोजना का समय पर हस्तांतरण जरूरी है, ताकि उसका उपयोग शुरू हो सके और आम लोगों को उसका लाभ मिल सके।
समयसीमा के साथ गुणवत्ता भी होगी अहम कसौटी
बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रशासन निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराने के साथ उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता पर भी निगरानी रखना चाहता है। हालांकि, इन निर्देशों का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि विभागाध्यक्ष नियमित निरीक्षण कितनी प्रभावी ढंग से करते हैं, कमियों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और लंबित परियोजनाओं को पूरा कराने में कितनी प्रगति होती है।
जनहित के लिहाज से निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा का उद्देश्य केवल कार्यों की प्रगति दर्ज करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सरकारी धन से तैयार होने वाली सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और उनका लाभ समय पर जनता तक पहुंचे।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण आर.के. पांडेय, अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रतिभा यादव, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव, पर्यटन अधिकारी विकास नारायण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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