Top News

संतकबीरनगर: मिशन शक्ति 6.0 के तहत जिलेभर में जागरूकता अभियान, स्कूलों से गांव की चौपाल तक महिलाओं को बताए सुरक्षा के अधिकार


  • एंटी रोमियो टीमों ने बालिकाओं और महिलाओं को किया जागरूक, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का किया आह्वान

Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh 

संतकबीरनगर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-6 के तहत संतकबीरनगर पुलिस ने जिले के सभी थानों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, आत्मरक्षा के उपायों और आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। ग्राम चौपालों के जरिए ग्रामीणों से संवाद कर समस्याओं के विधिसम्मत निस्तारण के प्रति भी जागरूक किया गया।


पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित इस अभियान में एंटी रोमियो टीमों, महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए। छात्राओं और महिलाओं को पंपलेट वितरित कर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। पुलिस ने उन्हें किसी भी तरह के उत्पीड़न या अन्याय की स्थिति में चुप रहने के बजाय उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करने और निडर होकर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया।

अभियान के तहत कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने बिधियानी स्थित कुड़ी लाल रूगटा सरस्वती विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। महिला थाना पुलिस ने हीरालाल रामनिवास पीजी कॉलेज में छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। धनघटा पुलिस ने बाल विद्यालय प्रसादपुर और रामेश्वर प्रसाद मौर्य स्मारक इंटर कॉलेज में कार्यक्रम किया, जबकि महुली पुलिस ने श्री राम नारायण इंटर कॉलेज, पुत्सर में बालिकाओं को जागरूक किया।


इसी क्रम में मेंहदावल पुलिस ने पर्वती इंटर कॉलेज, सोनौरा मेंहदावल और टड़वरिया चौराहे पर, बखिरा पुलिस ने सेंट्रल पब्लिक स्कूल, दुर्गजोत में तथा बेलहरकला पुलिस ने श्री रामनरेश चौधरी कृषक विद्या मंदिर, रमवापुर में महिलाओं और छात्राओं को जागरूक किया।

कार्यक्रमों के दौरान महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस ने महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, चिकित्सा सहायता 108, बाल सहायता नंबर 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया। साइबर अपराध की शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और आत्मरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने चौपाल शैली में संवाद कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं और उन्हें शिकायतों के निस्तारण के लिए कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा।


हालांकि, ऐसे जागरूकता अभियानों की उपयोगिता केवल कार्यक्रम आयोजित करने और हेल्पलाइन नंबर बताने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसका वास्तविक प्रभाव तब सामने आएगा, जब जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता मिले, उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई हो और उन्हें न्याय पाने की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके लिए जागरूकता के साथ शिकायतों के निस्तारण और सहायता सेवाओं की प्रभावशीलता पर भी लगातार ध्यान देना जरूरी है।

मिशन शक्ति फेज-6 के तहत चलाया गया यह अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने की दिशा में एक प्रयास है। अब इसकी सार्थकता इस बात से भी आंकी जाएगी कि जागरूकता के बाद महिलाएं कितनी सहजता से अपनी समस्याएं सामने रख पाती हैं और उन्हें प्रशासन व पुलिस से कितना प्रभावी सहयोग मिल पाता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh