- मेहदावल में डीएम, खलीलाबाद में एडीएम और धनघटा में सीडीओ ने सुनी फरियाद; अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
(Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संतकबीरनगर,। सरकारी कार्यालयों में लंबित शिकायतों को लेकर फरियादियों की उम्मीदों के बीच शनिवार को जिले की तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। मेहदावल में जिलाधिकारी अनुज मलिक, खलीलाबाद में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्य प्रकाश और धनघटा में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
जिला प्रशासन के अनुसार तीनों तहसीलों में कुल 220 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मेहदावल तहसील में सबसे अधिक 118 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी अनुज मलिक ने शिकायतों को एक-एक कर सुना और संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की जानकारी ली। इनमें से 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया, जबकि छह मामलों में स्थलीय निरीक्षण के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम भेजने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और शिकायत का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ही संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य है। भूमि विवाद अथवा अन्य विवादों के मामलों में उन्होंने शिकायतकर्ता सहित सभी पक्षों की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
कानून एवं व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने की। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि आवश्यकता के अनुसार राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर मामलों का निस्तारण कराया जाए, ताकि पीड़ित पक्ष को समय पर राहत मिल सके।
खलीलाबाद तहसील में 63 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से छह का मौके पर निस्तारण कराया गया। अपर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समय सीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस एवं सुरक्षा से संबंधित शिकायतों की सुनवाई अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने की।
धनघटा तहसील में 39 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर निस्तारण कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, वरासत और खतौनी में त्रुटि जैसे मामलों में स्थलीय जांच तथा दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
आंकड़ों पर नजर डालें तो तीनों तहसीलों में प्राप्त 220 शिकायतों में से 28 का तत्काल निस्तारण हुआ, जबकि 192 मामले आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजे गए। ऐसे में समाधान दिवस की वास्तविक सफलता केवल मौके पर निस्तारित मामलों की संख्या से नहीं, बल्कि शेष शिकायतों के अंतिम और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से तय होगी।
खासकर भूमि विवाद, अतिक्रमण, पैमाइश, वरासत और खतौनी जैसे मामले अक्सर मौके की जांच और कई विभागों के समन्वय की मांग करते हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ शिकायत को संबंधित विभाग को भेज देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता; शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलने तक कार्रवाई की निगरानी भी महत्वपूर्ण है।
संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का भरोसा दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि 192 लंबित प्रकरणों में कितनों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में होता है और कितने मामलों में शिकायतकर्ता वास्तव में संतुष्ट होते हैं। यही आंकड़ा समाधान दिवस की प्रशासनिक कवायद के जमीनी असर को अधिक स्पष्ट करेगा।




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