परीक्षा दिलाने पहुंचे व्यक्ति पर फायरिंग का आरोप, आठ महीने बाद सामने आया एक और नाम; पुलिस ने किया गिरफ्तार
संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में परीक्षा केंद्र के पास फायरिंग के आरोप से जुड़े मामले में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान सामने आए नाम के आधार पर आशुतोष उपाध्याय को मिश्ररौलिया गांव से गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया।
मामला 27 फरवरी 2026 का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, प्रियांशु दुबे अपने बेटे को परीक्षा दिलाने के लिए जगदीश प्रसाद उपाध्याय इंटर कॉलेज भदाह गए थे। आरोप है कि भदाह चौराहे पर पांच लोग मोटरसाइकिल से पहुंचे और विवाद के दौरान गाली-गलौज करते हुए कृष्णा यादव ने जान से मारने की नीयत से उन पर फायर कर दिया। शिकायतकर्ता ने किसी तरह बच निकलने की बात पुलिस को बताई थी।
शिकायत के आधार पर कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा संख्या 123/2026 दर्ज किया गया। इसमें BNS की धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 351(3), 352 तथा 7 CLA Act के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती कार्रवाई में पांच आरोपियों को 1 मार्च 2026 को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस के अनुसार, आशुतोष उपाध्याय पुत्र राजेश उपाध्याय, निवासी मिश्ररौलिया का नाम भी सामने आया। इसके बाद कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की है।
पुराने मुकदमे भी जांच के दायरे में
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी जारी किया है। इसमें वर्ष 2022 में हत्या के प्रयास व धमकी से संबंधित मामला, वर्ष 2025 में मारपीट सहित एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मामला तथा वर्ष 2025 में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इन मामलों का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है; किसी मामले में अंतिम दोषसिद्धि का निष्कर्ष इस खबर से नहीं निकाला जा सकता।
पूछताछ के संबंध में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी ने समाज में अपनी प्रतिष्ठा कायम रखने के लिए इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की बात कही। इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस सूचना में उपलब्ध नहीं है।
अब विवेचना में क्या सामने आता है, अहम सवाल
फायरिंग की घटना के कई महीने बाद विवेचना में एक और आरोपी का नाम सामने आने से मामले की जांच का यह पहलू महत्वपूर्ण हो जाता है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी कथित भूमिका किस तरह स्थापित होती है। गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई का हिस्सा है, जबकि आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई में अपराध निरीक्षक अजय कुमार सिंह, स्वाट/एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक रजनीश राय, हेड कांस्टेबल अनूप कुमार राय, विवेक कुमार राय, धनंजय कुमार श्रीवास्तव तथा कांस्टेबल दीपक सिंह, सर्वेश मिश्रा, अभिषेक सिंह, विवेक मिश्रा और शुभम कुमार शामिल रहे।
महत्वपूर्ण: पुलिस की मूल सूचना में गिरफ्तारी की तारीख एक स्थान पर 02 अक्टूबर 2026 और घटना विवरण में 01 अक्टूबर 2026 दर्ज है। प्रकाशन से पहले पुलिस रिकॉर्ड से तारीख की पुष्टि किया जाना उचित होगा।

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