Top News

खाद की कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार: 4,091 छापे, 28 एफआईआर, 115 लाइसेंसों पर कार्रवाई


किसानों से अपील— समय पर उर्वरक पाने के लिए शत-प्रतिशत कराएं फार्मर रजिस्ट्री

लखनऊ,। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त और समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान तेज कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को किसी प्रकार की खाद संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अनियमितताओं में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्तमान समय में 15.66 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.28 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.98 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.97 लाख मीट्रिक टन एसएसपी तथा 1.14 लाख मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है। सरकार लगातार भारत सरकार के संपर्क में रहकर उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

प्रदेश में सहकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 15,251 मीट्रिक टन यूरिया, 3,141 मीट्रिक टन डीएपी और 1,094 मीट्रिक टन एनपीके की खपत हो रही है। लखनऊ, बरेली, कानपुर, प्रयागराज सहित सभी मंडलों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का दावा किया गया है।

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कृषि भूमि अथवा बैनामे के आधार पर शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं। इससे जरूरत के अनुसार उर्वरकों का वितरण अधिक पारदर्शी और सुगम होगा। साथ ही किसानों से यह भी अनुरोध किया गया है कि भविष्य की आवश्यकता के नाम पर अनावश्यक खाद का भंडारण न करें, ताकि सभी किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके।

उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, ओवररेटिंग और टैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 1 अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच पूरे प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया। इस अवधि में 4,091 छापेमारी, 75 उर्वरक नमूनों की जांच, 85 लाइसेंस निलंबित, 30 लाइसेंस निरस्त, 460 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 28 एफआईआर दर्ज की गईं।

सरकारी कार्रवाई के दायरे में कई जनपद आए। गोण्डा, बस्ती, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, बुलन्दशहर, बागपत, शाहजहांपुर, सहारनपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, बिजनौर, सम्भल, हापुड़, श्रावस्ती और एटा सहित विभिन्न जिलों में यूरिया की तस्करी, अवैध भंडारण, ओवररेटिंग, स्टॉक में गड़बड़ी, फर्जी वितरण और बिना अनुमति बिक्री जैसे मामलों में मुकदमे दर्ज कर कठोर कार्रवाई की गई।

समीक्षा

खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता और पारदर्शी वितरण सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इस बार सरकार ने केवल खाद उपलब्ध कराने तक सीमित न रहकर वितरण व्यवस्था पर भी कड़ी निगरानी शुरू की है। हजारों छापे और दर्जनों एफआईआर यह संकेत देते हैं कि प्रशासन कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर गंभीर है।

हालांकि, वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है और किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय से खाद मिल पाती है या नहीं। फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल निगरानी और नियमित निरीक्षण यदि पूरी पारदर्शिता के साथ लागू होते हैं, तो इससे न केवल कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा बल्कि छोटे और सीमांत किसानों को भी राहत मिलेगी। सरकार की सख्ती का लाभ तभी सार्थक माना जाएगा, जब हर किसान को बिना किसी अतिरिक्त भुगतान और बिना भटकाव के समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके।

(News Source -News of India Edit By-Mohammad)

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume