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विधि छात्रों को मिला न्याय व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव: जिला जज ने वितरित किए इंटर्नशिप प्रमाण पत्र


"कानून की पढ़ाई तभी सार्थक, जब जमीनी स्तर की न्यायिक प्रक्रिया को समझें छात्र" — जिला जज रणधीर सिंह

संतकबीरनगर ।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संतकबीरनगर द्वारा एक माह तक संचालित विधि छात्रों के इंटर्नशिप कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हो गया। समापन समारोह में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए उन्हें न्याय व्यवस्था की व्यावहारिक समझ को समाज सेवा से जोड़ने का संदेश दिया।

1 जून से 30 जून तक चले इस इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्देश्य विधि छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर न्यायिक व्यवस्था, विधिक सहायता योजनाओं और न्यायालयों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।

समारोह को संबोधित करते हुए जिला जज रणधीर सिंह ने कहा कि कानून की शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज में न्याय की स्थापना करना है। इसके लिए छात्रों को सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ न्यायालयों और विभिन्न संस्थानों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से सेवा भाव के साथ कार्य करने तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान जिला जज ने छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया और उन्हें न्यायिक सेवाओं में उपलब्ध अवसरों तथा पेशेवर नैतिकता के महत्व से अवगत कराया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को जिला न्यायालय, जिला कारागार, वृद्धाश्रम, बाल कल्याण समिति, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, वन स्टॉप सेंटर सहित विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कराया गया। साथ ही उन्हें मध्यस्थता (मीडिएशन), लोक अदालत, वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) प्रणाली, विधिक सेवा योजनाओं तथा विभिन्न कानूनों की व्यवहारिक जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के समापन पर जिला जज ने सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

इंटर्नशिप में मोहम्मद आदिल, दयाशंकर, प्रदीप कुमार, समीक्षा चौधरी, मंतशा खातून, विशाल कुमार, मोहम्मद शादाब, रोहन राजभर, रवि प्रजापति, रजत सिंह, श्रेया पांडे, रागिनी, अजय यादव, प्रेमलता यादव, शांति, मोना तथा नेहा कन्नौजिया सहित अनेक विधि छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

विधि शिक्षा में इंटर्नशिप कार्यक्रमों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। केवल कानून की धाराओं का अध्ययन किसी विद्यार्थी को सक्षम विधिक पेशेवर नहीं बना सकता, बल्कि न्यायालयों, विधिक संस्थाओं और वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव ही उसे वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

संतकबीरनगर में आयोजित यह इंटर्नशिप कार्यक्रम इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है। यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं और छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया, विधिक सहायता तथा समाज के कमजोर वर्गों के साथ कार्य करने का अवसर मिलता रहे, तो भविष्य में अधिक संवेदनशील, कुशल और समाजोन्मुख अधिवक्ता एवं विधिक विशेषज्ञ तैयार किए जा सकते हैं। इससे न्याय तक आमजन की पहुंच मजबूत होगी और विधिक जागरूकता को भी नई दिशा मिलेगी।

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