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संतकबीरनगर में ‘ऑपरेशन मजनू’ का बड़ा एक्शन! 97 से माफीनामा, 20 वाहन सीज और 407 के चालान


(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)

संतकबीरनगर। छात्राओं, महिलाओं और आमजन को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संतकबीरनगर पुलिस ने गुरुवार को “ऑपरेशन मजनू” के तहत जनपदभर में व्यापक चेकिंग और कार्रवाई अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चले अभियान में स्कूल-कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों के आसपास, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की गई।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने ऐसे युवकों की गतिविधियों की जांच की, जो बिना किसी उचित कारण के शिक्षण संस्थानों अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास घूमते पाए गए। महिलाओं और छात्राओं को असहज करने वाली गतिविधियों, अशोभनीय व्यवहार, छेड़खानी तथा यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

97 व्यक्तियों से माफीनामा, 20 वाहन सीज

पुलिस के अनुसार ऑपरेशन के दौरान जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 97 व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया, जबकि 20 वाहनों को सीज किया गया। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 407 वाहनों के चालान किए गए। वहीं 14 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अभियान का दायरा केवल मनचलों की निगरानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात अनुशासन और कम उम्र में वाहन चलाने जैसे मामलों को भी कार्रवाई के केंद्र में रखा गया।

कम उम्र में वाहन चलाने वालों पर भी नजर

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कम उम्र के किशोरों द्वारा वाहन चलाने के मामलों को भी गंभीरता से लिया। पुलिस ने ऐसे मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ अभिभावकों को जागरूक किया कि नाबालिग बच्चों को समय से पहले वाहन की चाबी देना उनके जीवन के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

पुलिस का संदेश है कि सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही न केवल हादसे का कारण बन सकती है, बल्कि परिवार की खुशियों पर भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें और बिना वैध पात्रता के वाहन न चलाने दें।

कार्रवाई से आगे सुरक्षित माहौल बनाने की कोशिश

ऑपरेशन मजनू को केवल पुलिसिया कार्रवाई के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह अभियान युवाओं में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

हालांकि, ऐसे अभियानों की सफलता केवल माफीनामा, चालान और सीज किए गए वाहनों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से भी आंकी जानी चाहिए कि क्या स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास महिलाओं एवं छात्राओं को वास्तव में अधिक सुरक्षित वातावरण मिल रहा है। इसके लिए पुलिस की नियमित निगरानी के साथ अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।

बेटियों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी

संतकबीरनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि हर बेटी को बिना भय के स्कूल जाने, सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने और अपने सपनों की ओर बढ़ने का अधिकार है।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी मनचले, संदिग्ध व्यक्ति या अशोभनीय गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों के निर्देश पर ऑपरेशन मजनू आगे भी लगातार जारी रखने की बात कही गई है।

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