(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। सोमवार को क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक समरसता की अद्भुत छटा देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिला मंत्री सिद्धार्थ आर्या एवं कांटे मंडल अध्यक्ष राम नयन के नेतृत्व में संत रविदास जी महाराज की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। लोगों ने संत रविदास के जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया और उनके बताए मानवता, समानता तथा भाईचारे के मार्ग को याद किया।
कलश यात्रा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से भ्रमण करती हुई ग्राम चमरसन पहुंची। गांव में यात्रा के पहुंचते ही श्रद्धा का वातावरण और अधिक भावपूर्ण हो गया। भावी ग्राम प्रधान संतोष कुमार की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीणों ने कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया। स्वागत में नौजवानों के साथ बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। किसी के चेहरे पर उत्साह था तो किसी की आंखों में संत रविदास के प्रति गहरी आस्था झलक रही थी।
जयकारों से गूंज उठा गांव
कलश यात्रा के दौरान संत रविदास जी महाराज के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की। ग्रामीणों ने यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत कर अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। महिलाओं एवं बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष भावनात्मक रंग दिया।
ग्राम चमरसन पहुंचने के बाद संत रविदास जी महाराज की विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर संत रविदास को नमन किया और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संतोष कुमार ने कहा, “संत रविदास जी महाराज की कलश यात्रा का ग्राम चमरसन में स्वागत करना हम सभी के लिए सौभाग्य और गर्व का विषय है। संत रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और आपसी सद्भाव मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। कलश यात्रा में जिस तरह नौजवानों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, वह संत रविदास जी के प्रति हमारी गहरी आस्था को दर्शाता है। हम सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम, सम्मान और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।”
संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक
संत रविदास का जीवन समाज में समानता, प्रेम, मानवता और भाईचारे का संदेश देता है। उनका दर्शन सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि उनकी जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और समरसता का अवसर भी बनती है।
कलश यात्रा के आयोजन ने गांव और क्षेत्र के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम किया। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी लोगों को जोड़ने की ताकत रखती हैं।
आयोजकों और ग्रामीणों ने कहा कि संत रविदास के आदर्शों को केवल आयोजनों तक सीमित न रखकर उन्हें दैनिक जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धा, सहभागिता और सामाजिक एकता के इस संगम ने संत रविदास जयंती के आयोजन को यादगार बना दिया।


Post a Comment