संतकबीरनगर। बारावफात त्यौहार को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से महुली थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में आयोजित बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र की मौजूदगी में पुलिस और क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों के बीच त्यौहार की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय के साथ पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम प्रधान, धर्मगुरु, संभ्रांत नागरिक एवं अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है।
जुलूस के मार्ग और ध्वनि व्यवस्था पर विशेष चर्चा
बैठक में बारावफात के दौरान प्रस्तावित जुलूस एवं अन्य कार्यक्रमों के मार्ग, समय और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। आयोजकों से प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल में निर्धारित मानकों का पालन करने तथा ध्वनि की तीव्रता को नियंत्रित रखने पर विशेष जोर दिया गया।
जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए रूट और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी आवश्यक समन्वय पर चर्चा हुई। इससे स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन त्यौहार के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ-साथ आम नागरिकों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दे रहा है।
अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की अपील
बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी लोगों को सचेत किया गया। पुलिस ने अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास या उसे साझा करने के बजाय उसकी सत्यता की पुष्टि की जाए। किसी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा गया।
अधिकारियों ने पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय को शांति व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। साथ ही कहा गया कि छोटी-सी समस्या को भी समय रहते संवाद के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
शांति व्यवस्था सामूहिक जिम्मेदारी
क्षेत्राधिकारी अभयनाथ मिश्र ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन हर परिस्थिति में आमजन के साथ खड़ा है। किसी भी अफवाह पर विश्वास न करने और छोटी से छोटी सूचना भी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।
समीक्षात्मक दृष्टि से देखें तो पीस कमेटी की ऐसी बैठकें केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर तभी प्रभावी मानी जाएंगी, जब बैठक में तय व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर भी सख्ती से अनुपालन कराया जाए। विशेषकर जुलूस के रूट, यातायात प्रबंधन, ध्वनि मानकों और सोशल मीडिया पर अफवाहों की निगरानी जैसे बिंदुओं पर पुलिस तथा आयोजकों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखना जरूरी होगा। बारावफात जैसे धार्मिक अवसर को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन के साथ नागरिकों की सक्रिय जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।


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