(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संत कबीर नगर । जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएमआईएस पोर्टल एवं सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित रैंकिंग और प्रगति के आधार पर विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य फोकस योजनाओं की जमीनी प्रगति, पोर्टल पर आंकड़ों की अद्यतन फीडिंग और जिले की रैंकिंग में सुधार पर रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल योजनाओं का संचालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
धीमी प्रगति वाले विभागों पर डीएम की नजर
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान जिन विभागों और कार्यों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई, उन्हें जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में गुणात्मक प्रगति सुनिश्चित करते हुए सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार दिखाई देना चाहिए।
डीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित विभागों को निर्माण कार्यों की वास्तविक प्रगति सीएमआईएस पोर्टल पर समय से फीड करने के निर्देश भी दिए। इससे प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं की निगरानी और उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
फैमिली आईडी की धीमी प्रगति पर भी जोर
बैठक में फैमिली आईडी निर्माण की विकासखंडवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों और न्याय पंचायतों में ऐसे परिवारों की पहचान कराई जाए, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं और उनकी शत-प्रतिशत फैमिली आईडी बनवाई जाए।
शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भी फैमिली आईडी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। यह निर्देश इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में परिवार आधारित डिजिटल पहचान की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
योजनाओं की सूची लंबी, निगरानी और जवाबदेही अहम
जिलाधिकारी ने पंचायती राज, पर्यटन, समाज कल्याण, जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पेंशन, मुख्यमंत्री आवास, श्रम विभाग, पर्यटन विकास और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा केवल उच्च स्तर से निर्देश मिलने पर न की जाए, बल्कि विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही प्रगति संबंधी आंकड़ों को सीएमआईएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए, ताकि जिले की वास्तविक स्थिति डैशबोर्ड पर परिलक्षित हो सके।
फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स के आंकड़ों पर भी हुई पड़ताल
बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स की भी विस्तार से समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से आंकड़ेवार जानकारी लेते हुए प्रगति की स्थिति समझी और जहां आवश्यक हुआ, वहां सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा करते रहें। किसी योजना के क्रियान्वयन में कमी सामने आने अथवा कोई पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित पाए जाने पर उसका समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।
समीक्षा बैठक का संदेश स्पष्ट
बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन अब विकास योजनाओं की कागजी प्रगति के बजाय लक्ष्य, गुणवत्ता, समयबद्धता और वास्तविक लाभार्थी तक पहुंच को प्राथमिकता दे रहा है। सीएमआईएस और सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग को प्रशासनिक प्रदर्शन का महत्वपूर्ण पैमाना बनाए जाने से विभागों पर लंबित कार्यों को गति देने और आंकड़ों को समय से अपडेट करने की जवाबदेही बढ़ी है।
बैठक में उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, उपायुक्त एनआरएलएम प्रवीण कुमार शुक्ला, परियोजना निदेशक विजयंत सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अजय श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारीगण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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