संतकबीरनगर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस ने बुधवार को जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों, महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं, बालिकाओं और आमजन से संवाद किया।
अभियान का फोकस केवल महिला अपराधों के प्रति जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित एवं विधिपूर्ण निस्तारण के लिए संवाद स्थापित करने पर भी रहा। विभिन्न थाना क्षेत्रों में ग्राम चौपाल लगाकर महिलाओं और ग्रामीणों को कानून, अधिकार, सरकारी योजनाओं तथा आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।
सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचीं एंटी रोमियो टीमें
मिशन शक्ति अभियान के तहत एंटी रोमियो टीमों ने बाजारों, चौराहों, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला अपराधों की रोकथाम, अधिकारों की सुरक्षा और आत्मरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी। पुलिस टीमों ने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, धमकी अथवा हिंसा की स्थिति में चुप रहने के बजाय तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें।
इस दौरान महिलाओं और छात्राओं को पंपलेट वितरित कर मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया।
इन स्थानों पर चला जागरूकता अभियान
पुलिस के अनुसार कोतवाली खलीलाबाद की टीम ने गोला बाजार, विधियानी और मुखलिसपुर तिराहा क्षेत्र में महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया। महिला थाना पुलिस ने समय माता मंदिर परिसर में अभियान चलाया। थाना महुली की टीम ने ग्राम टिकौईकोल बाबू, मेंहदावल पुलिस ने ग्राम परसा पांडे और रोडवेज मेहदावल तथा बेलहरकला पुलिस ने करमाकला में महिलाओं, बालिकाओं और स्कूली छात्राओं से संवाद किया।
इन स्थानों पर मिशन शक्ति से संबंधित पंपलेट वितरित करते हुए महिलाओं को सुरक्षा संबंधी अधिकारों और सहायता तंत्र की जानकारी दी गई।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान पुलिस ने महिलाओं और आमजन को विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में बताया। इनमें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, एंबुलेंस सेवा 108, बाल सहायता हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। साथ ही साइबर अपराध की शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल की जानकारी भी दी गई।
पुलिस ने लोगों को समझाया कि साइबर ठगी अथवा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल शिकायत करना महत्वपूर्ण है, ताकि समय रहते कार्रवाई की संभावना बनी रहे।
ग्राम चौपाल में महिलाओं से सीधा संवाद
अभियान का एक महत्वपूर्ण पक्ष ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ग्राम चौपाल रहा। महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने चौपाल शैली में महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, महिला अधिकारों और आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।
महिलाओं को यह संदेश भी दिया गया कि वे किसी भी प्रकार के अन्याय या उत्पीड़न को सहन न करें और आवश्यकता पड़ने पर कानून का सहारा लें। पुलिस टीमों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से कराने का प्रयास किया जाएगा।
जागरूकता से आगे कार्रवाई की चुनौती
मिशन शक्ति जैसे अभियानों की सफलता केवल पंपलेट वितरण या हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने से तय नहीं होती। इसका वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देगा, जब ग्रामीण और महिलाएं बिना भय के शिकायत दर्ज करा सकें और शिकायतों पर समयबद्ध, निष्पक्ष तथा प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित हो।
विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सुरक्षा से जुड़ी सामाजिक झिझक, कानूनी जानकारी का अभाव और शिकायत करने में संकोच अब भी बड़ी चुनौती हो सकते हैं। ऐसे में ग्राम चौपाल के माध्यम से पुलिस और महिलाओं के बीच सीधा संवाद इस दूरी को कम करने की दिशा में उपयोगी कदम माना जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाया गया यह अभियान महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास है। अब इसकी प्रभावशीलता इस बात से तय होगी कि अभियान के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और शिकायतों का जमीनी स्तर पर कितनी गंभीरता और तत्परता से समाधान किया जाता है।




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