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नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बीच संतकबीरनगर प्रशासन अलर्ट, लापता नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी


(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)

संत कबीरनगर, 27 अगस्त 2026। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण संत कबीरनगर के कुछ नागरिकों के फंसे होने अथवा लापता होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सहायता एवं समन्वय व्यवस्था सक्रिय कर दी है। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और कलेक्ट्रेट स्तर पर नागरिकों की सूचना जुटाने तथा परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रशासन की पहल का उद्देश्य नेपाल में फंसे अथवा संपर्क से बाहर हुए जिले के नागरिकों के संबंध में सटीक जानकारी जुटाना, परिजनों से समन्वय स्थापित करना और सूचना को संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना है।

लापता नागरिकों की सूचना तत्काल दें

जिला प्रशासन ने परिजनों से अपील की है कि यदि उनका कोई व्यक्ति नेपाल में लापता है या आपदा के बाद उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो उसकी सूचना तत्काल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम, निकटतम थाना अथवा तहसील कार्यालय में दर्ज कराएं।

आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर:

  • आपदा प्रबंधन टोल फ्री: 1070, 1077
  • कलेक्ट्रेट/आपदा प्रबंधन टेलीफोन: 05547-297227
  • जिला आपदा विशेषज्ञ: 9598666578
  • उप जिलाधिकारी, खलीलाबाद: 9454415925
  • उप जिलाधिकारी, मेंहदावल: 9454415926
  • उप जिलाधिकारी, धनघटा: 9454415927

सूचना देते समय ये विवरण रखें तैयार

प्रशासन के अनुसार लापता व्यक्ति की सूचना दर्ज कराते समय यथासंभव उसका पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए। इसमें नाम, आयु, लिंग, आधार कार्ड नंबर, संत कबीरनगर का स्थायी पता, ग्राम/मोहल्ला, थाना और तहसील की जानकारी शामिल हो।

इसके साथ ही नेपाल में व्यक्ति की अंतिम ज्ञात लोकेशन, वह किस शहर या स्थान पर गया था, अंतिम बार कब संपर्क हुआ, मोबाइल नंबर, संभावित होटल अथवा गाइड का विवरण भी उपलब्ध कराना उपयोगी होगा। सूचना देने वाले रिश्तेदार या परिचित का नाम, मोबाइल नंबर और लापता व्यक्ति से संबंध भी दर्ज कराया जाए।

अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर ही करें भरोसा

जिलाधिकारी ने नेपाल में फंसे नागरिकों के परिजनों से विशेष अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली असत्यापित सूचनाओं पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में जिला प्रशासन अथवा भारतीय दूतावास से मिलने वाली आधिकारिक सूचना को ही प्राथमिकता दी जाए।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नेपाल में प्राकृतिक आपदा के कारण कई स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में फोन पर संपर्क न होने को तत्काल किसी अनहोनी का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। इंटरनेट उपलब्ध होने पर WhatsApp अथवा Telegram जैसे माध्यमों से संदेश भेजकर कुछ समय प्रतीक्षा करने की सलाह दी गई है।

अंतिम लोकेशन से मिलेगी राहत कार्य में मदद

प्रशासन के अनुसार लापता व्यक्ति की अंतिम लोकेशन, यात्रा मार्ग, होटल या ठहरने के स्थान की जानकारी उपलब्ध होने पर संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करना आसान होगा। स्थानीय स्तर पर दर्ज की गई सूचनाओं को राज्य स्तरीय राहत आयुक्त कार्यालय के माध्यम से आवश्यकतानुसार विदेश मंत्रालय तक भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

प्रशासन की अपील—घबराएं नहीं, सूचना दें

नेपाल में आपदा की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने परिजनों से संयम बरतने और बिना सत्यापन के किसी सूचना को साझा न करने की अपील की है। संकट की इस घड़ी में सबसे महत्वपूर्ण है कि लापता या संपर्कविहीन नागरिकों का सटीक विवरण जल्द से जल्द प्रशासन तक पहुंचे, ताकि उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों से उनका पता लगाने और सहायता पहुंचाने की कार्रवाई तेज की जा सके।

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