![]() |
| काल्पनिक फोटो द्वारा एआई |
संत कबीर नगर। मेहदावल बाईपास से बस में चढ़ते समय महिला के पर्स से मंगलसूत्र चोरी होने के मामले में खलीलाबाद पुलिस ने एक बाल अपचारी बालिका को निरुद्ध किया है। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से पीली धातु का एक मंगलसूत्र बरामद किया गया है, जिसे मामले से संबंधित बताया गया है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरधरपुर निवासी अनुपम वर्मा ने 30 अगस्त 2026 को कोतवाली खलीलाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 27 अगस्त को उनकी पत्नी मेहदावल बाईपास से बस में सवार हो रही थीं, इसी दौरान उनके पर्स से मंगलसूत्र चोरी हो गया। शिकायत के आधार पर कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा संख्या 804/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।
पुलिस का कहना है कि चोरी की घटनाओं के अनावरण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए शमशान घाट औद्योगिक क्षेत्र के सड़क मार्ग के किनारे से वांछित बाल अपचारी बालिका को निरुद्ध किया। तलाशी के दौरान उसके पहने हुए प्लाजो की दाहिनी जेब से एक मंगलसूत्र बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।
पूछताछ के संबंध में पुलिस ने बताया कि बाल अपचारी ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भीख मांगने के दौरान मौका देखकर महिलाओं के पर्स और सामान चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, उसने 27 अगस्त को मेहदावल बाईपास पर बस में चढ़ते समय महिला के पर्स से मंगलसूत्र चोरी करने की बात भी बताई और बरामद मंगलसूत्र को वही बताया।
हालांकि, नाबालिग से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा बताए गए पूछताछ के विवरण को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। घटना में बालिका की भूमिका, बरामद वस्तु की पहचान और अन्य आरोपों का निर्धारण संबंधित विधिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा। नाबालिग की पहचान और व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक न करना भी कानूनी एवं बाल संरक्षण की दृष्टि से आवश्यक है।
मामला यह सवाल भी सामने लाता है कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर यात्रियों के सामान की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। बस में चढ़ते समय पर्स या आभूषण चोरी होने की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस निगरानी के साथ परिवहन स्थलों पर सीसीटीवी, जागरूकता और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव, आरक्षी अरविन्द तिवारी, आरक्षी अमित कुमार और महिला आरक्षी प्रतिक्षा यादव शामिल रहीं।
पुलिस की कार्रवाई में मंगलसूत्र की बरामदगी को मामले में महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया है, लेकिन पूरे प्रकरण की अंतिम स्थिति आगे की विधिक और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

Post a Comment